एग्रीवेट: ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में शुक्रवार से शुरू हुए चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, पारंपरिक और तकनीकी ताकत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने की बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाने की पहल है. यह आयोजन प्रदेश की परंपरा और तकनीक को एक मंच पर लाकर ग्लोबल मार्केट से जोड़ने का काम कर रहा है. सीएम ने ट्रेड शो में शामिल होने आए 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, फॉरेन बायर्स और एग्जीबिटर्स का स्वागत और आभार जताया. इस बार करीब 600 विदेशी खरीदार और लगभग डेढ़ लाख बी-टू-बी विजिटर्स यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का हिस्सा बने हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के पास MSME में 79 Products ऐसे हैं, जिन्हें GI Tag प्राप्त हुआ है. 75 नए Products के लिए हम लोगों ने आवेदन भी किया है. चाहे वो भदोही की उत्कृष्ट कालीन हो, मुरादाबाद का चमचमाता पीतल हो, कन्नौज का सम्मोहित करने वाला इत्र हो या वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध सिल्क साड़ियां. आज हम सांस्कृतिक विरासत से जुड़े इन उत्पादों को करोड़ों रुपये के Turnover वाले Brand में बदल चुके हैं.
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की असली ताकत उसकी परंपरा और उद्यम में है. इसी सोच के साथ परंपरागत उद्योगों को वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के रूप में ब्रांड देने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में आगे बढ़ रहा है और प्रदेश से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात दुनिया के विभिन्न देशों में हो रहा है.
उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस इसी बदलाव और परिवर्तन को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है. मुख्यमंत्री के मुताबिक इस बार करीब 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया गया है, जिसमें 2400 से अधिक एग्जीबिटर्स हिस्सा ले रहे हैं. ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों से लेकर आधुनिक तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई और नवाचार से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीआईटीएस में ऑस्ट्रिया, रूस, बेलारूस, वियतनाम और फ्रांस समेत कई देशों की भागीदारी है.
उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस के माध्यम से प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों, बुनकरों और एमएसएमई को सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है. इससे बिचौलियों की भूमिका कम करने और उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है. सीएम योगी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के परिवर्तन की कहानी को दुनिया के सामने रखने का माध्यम है. यह प्रदेश की ‘पॉसिबिलिटी को प्रॉस्पेरिटी’ में बदलने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हुनर अब करोड़ों रुपये के कारोबार में तब्दील हो रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक प्रदेश के हस्तशिल्प, बुनकरों और पारंपरिक कारीगरों को उचित मंच नहीं मिल पाया. ऐसे में यूपीआईटीएस उनके लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का माध्यम बन रहा है. सीएम योगी ने कहा कि परंपरागत उद्योगों को पहचान देने और उन्हें आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में ओडीओपी महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है. उन्होंने कहा कि आज उसी सोच के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
भारत ने दुनिया के कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं. उत्तर प्रदेश इन समझौतों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है और यहां से वैश्विक निर्यात की संभावनाओं को मजबूत किया जा रहा है. सीएम योगी ने कहा कि आज दुनिया उत्तर प्रदेश की सप्लाई चेन, उद्योग और उत्पादों की विश्वसनीयता को लेकर भरोसा जता रही है. उन्होंने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, उसकी ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित होता है.