पाम ऑयल के भाव में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट, कमजोर निर्यात से कीमतों पर दबाव—पढ़ें इनसाइड स्टोरी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: मलेशिया में पाम ऑयल की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. पाम ऑयल वायदा भाव 2 फीसदी से ज्यादा गिर गया. बाजार में उत्पादन बढ़ने और निर्यात कमजोर रहने की आशंका से कीमतों पर दबाव बढ़ा है. मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज में दिसंबर डिलीवरी वाला बेंचमार्क पाम ऑयल कॉन्ट्रैक्ट दोपहर तक 98 रिंगिट यानी 2.05 फीसदी गिरकर 4,674 रिंगिट प्रति टन पर आ गया. भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 1.10 लाख रुपये प्रति टन के बराबर है.

इस गिरावट के साथ पाम ऑयल वायदा इस सप्ताह अब तक 3.1 फीसदी टूट चुका है. इससे पिछले सप्ताह इसमें 1.74 फीसदी की तेजी आई थी. मुंबई स्थित वेजिटेबल ऑयल ब्रोकर सनविन ग्रुप के रिसर्च हेड अनिलकुमार बगानी ने बिजनेसलाइन से कहा कि भारत में खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती के बावजूद क्रूड पाम ऑयल वायदा बाजार में कमजोरी बनी हुई है.

मलेशिया में उम्मीद से ज्यादा पाम ऑयल उत्पादन और कमजोर निर्यात के कारण सितंबर के अंत तक स्टॉक 31 लाख टन से ज्यादा पहुंचने की आशंका है.  सनविन ग्रुप के रिसर्च हेड अनिलकुमार बगानी के मुताबिक, इससे पाम ऑयल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. भारत सरकार ने बुधवार को क्रूड और रिफाइंड खाद्य तेलों पर बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी घटाई है. इसमें पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सूरजमुखी तेल भी शामिल हैं. सरकार ने त्योहारी सीजन में खाद्य तेलों की कीमतों को कम रखने के लिए यह कदम उठाया है.

उद्योग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, मलेशिया में बढ़ता पाम ऑयल स्टॉक और दुनिया के सबसे बड़े आयातक भारत की धीमी खरीद से कीमतों पर दबाव बना रह सकता है. वहीं, एल नीनो के असर का भी अभी बाजार में पूरी तरह असर दिखाई नहीं दिया है. इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की गिरावट आई. बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम की संभावना और सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है.

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से पाम ऑयल की मांग पर दबाव बढ़ गया है. कच्चा तेल सस्ता होने से बायोडीजल बनाने के लिए पाम ऑयल का इस्तेमाल कम आकर्षक हो जाता है. इससे पाम ऑयल की कीमतों पर असर पड़ सकता है. शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड में सोयाबीन तेल की कीमत 1.02 फीसदी गिर गई. वहीं, सार्वजनिक अवकाश के कारण डालियान कमोडिटी एक्सचेंज बंद रहा.

पाम ऑयल की कीमतों  पर दूसरे खाद्य तेलों की चाल का भी असर पड़ता है. दरअसल, पाम ऑयल की वैश्विक बाजार में सोयाबीन और दूसरे वनस्पति तेलों से सीधी प्रतिस्पर्धा होती है. इस बीच पाम ऑयल की ट्रेडिंग करेंसी मलेशियाई रिंगिट डॉलर के मुकाबले 0.22 फीसदी मजबूत हुई. इससे विदेशी मुद्रा में भुगतान करने वाले खरीदारों के लिए पाम ऑयल थोड़ा महंगा हो गया है.

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