धान किसानों को 2700 रुपये MSP देने का वादा, 4 लाख किसानों को बिजली सब्सिडी देगी सरकार—देखें क्या है पूरा सच – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: पश्चिम बंगाल में किसानों और युवाओं से जुड़े कई बड़े ऐलान सामने आए हैं. पूर्व बर्धमान में हुई प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने धान की सरकारी खरीद के लिए 2,700 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने का दावा किया. इसके साथ ही करीब 4 लाख किसानों को सिंचाई की बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देने और चालू वित्त वर्ष में एक लाख नौकरियां देने की बात कही गई. हालांकि, इन घोषणाओं का वास्तविक लाभ सरकारी आदेश और क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा. एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती का प्रावधान पश्चिम बंगाल के 2026-27 बजट में भी दर्ज किया गया है.

धान किसानों के लिए सबसे अहम घोषणा सरकारी खरीद को लेकर की गई. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी  ने कहा कि किसानों से उनकी जरूरत के मुताबिक धान खरीदा जाएगा और 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का MSP सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि किसान जितनी मात्रा में धान बेचना चाहेंगे, सरकार उतनी खरीद की व्यवस्था करेगी. इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बाजार में भटकने की जरूरत कम करने का लक्ष्य बताया गया है.

अधिकारी ने खरीद व्यवस्था में बिचौलियों और एजेंटों की भूमिका खत्म करने की बात भी कही. उनके मुताबिक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा. हालांकि, इस दर पर खरीद की व्यवस्था किस प्रक्रिया और किन केंद्रों के माध्यम से होगी, इसका विस्तृत क्रियान्वयन आगे की सरकारी प्रक्रिया से स्पष्ट होगा.

खेती की लागत कम करने  को लेकर भी बड़ा ऐलान किया गया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक पश्चिम बंगाल के करीब चार लाख किसानों को कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी दी जाएगी. इसका सीधा संबंध सिंचाई की लागत से है, खासकर उन किसानों से जो खेतों में पानी पहुंचाने के लिए बिजली से चलने वाले पंप का इस्तेमाल करते हैं. बिजली सब्सिडी लागू होने पर पात्र किसानों के सिंचाई खर्च में कमी आ सकती है. हालांकि, सब्सिडी की पात्रता, अवधि और भुगतान की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सरकारी दिशा-निर्देशों के बाद स्पष्ट होगी.

बैठक में किसानों की उपज की सरकारी खरीद  को लेकर भी जोर दिया गया. अधिकारी ने कहा कि किसानों को सीधे सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा. इसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य दिलाना और खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका कम करना बताया गया है. पश्चिम बंगाल में खरीफ 2026 के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी लागू है. ऐसे में सरकारी खरीद के साथ फसल सुरक्षा से जुड़े प्रावधान भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं. इन घोषणाओं का असर कितना होगा, यह जमीन पर खरीद केंद्रों, भुगतान व्यवस्था और सरकारी आदेशों के लागू होने के बाद स्पष्ट होगा.

किसानों के साथ युवाओं के रोजगार को लेकर भी बड़ा ऐलान किया गया. शुभेंदु अधिकारी ने चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्य में एक लाख नौकरियां देने की बात कही. पश्चिम बंगाल के 2026-27 बजट में भी एक लाख सरकारी पदों को भरने की योजना का उल्लेख किया गया है. सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी रखने की बात कही गई है. इस तरह घोषणाओं में किसानों के लिए धान खरीद का 2,700 रुपये प्रति क्विंटल MSP  दावा, सिंचाई बिजली पर सब्सिडी और युवाओं के लिए रोजगार प्रमुख मुद्दे रहे. इनका वास्तविक लाभ सरकारी आदेश, पात्रता और क्रियान्वयन की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.

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