एग्रीवेट: आंध्र प्रदेश सरकार ने 2026-27 खरीफ सीजन में 37 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है. नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि धान खरीद के लिए राज्य में 2,619 विशेष खरीद केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर करीब 24,000 कर्मचारी तैनात रहेंगे. सरकार का लक्ष्य किसानों से धान की खरीद की प्रक्रिया को सुचारू और आसान बनाना है.
नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर ने कहा कि हाल की बारिश और फसल की स्थिति को देखते हुए राज्य में धान का उत्पादन अनुमान से ज्यादा हो सकता है. सरकार पहले अल नीनो के असर की आशंका को देखते हुए कम उत्पादन का अनुमान लगा रही थी. उन्होंने कहा कि धान उत्पादन का अनुमान पहले 1.60 करोड़ टन से घटाकर करीब 1.10 करोड़ टन कर दिया गया था. अब बारिश और खेतों की स्थिति को देखते हुए सरकार उत्पादन के नए अनुमान की समीक्षा करेगी. जरूरत पड़ने पर धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जाएगी.
मंत्री ने बताया कि धान को खेतों से मिलों तक पहुंचाने के लिए करीब 31,000 GPS से लैस वाहनों की व्यवस्था की जाएगी. जो किसान अपने वाहन से धान को खेत से चावल मिल तक पहुंचाएंगे, उन्हें परिवहन का खर्च सीधे बैंक खाते में बिना देरी के दिया जाएगा.
आंध्र प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन में धान खरीद के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर ने अधिकारियों को खरीद केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. सरकार करीब 6.10 करोड़ जूट के बोरे तैयार रखेगी. जिन इलाकों में बोरों की कमी होगी, वहां तुरंत वैकल्पिक बोरों की व्यवस्था की जाएगी. मंत्री ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर पर शिकायत प्रकोष्ठ और जिलों में हेल्प सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने संयुक्त कलेक्टरों से खरीद केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और वहां सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा है.
बता दें कि बीते दिनों आंध्र प्रदेश में अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के साथ जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने को कहा है. नायडू ने मांग के अनुसार फसलों की खेती को बढ़ावा देने और फसल खराब होने पर किसानों को जल्द बीमा मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नुकसान के बाद उन्हें आर्थिक परेशानी न हो.