एग्रीवेट: Prayagraj Farmers Protest: प्रयागराज में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है. पत्थर गिरजाघर में हुई संगठन की मासिक बैठक में जमीन के रिकॉर्ड, बिजली, सिंचाई और खाद की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में तय किया गया कि बिजली से जुड़ी समस्याओं को लेकर 6 अक्टूबर को बिजली विभाग के मुख्य इंजीनियर का घेराव किया जाएगा. इसके अलावा 27 अक्टूबर को प्रयागराज में चौधरी राकेश टिकैत की मौजूदगी में किसान क्रांति महापंचायत करने की भी तैयारी चल रही है.
जमीन के रिकॉर्ड में हिस्सेदारी को लेकर किसानों की शिकायत
बैठक में खतौनी में जमीन की हिस्सेदारी तय करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. किसानों का कहना है कि जमीन में किसका कितना हिस्सा है, यह सिर्फ खतौनी में दर्ज नाम देखकर बराबर-बराबर तय नहीं किया जाना चाहिए. भारतीय किसान यूनियन ने मांग की कि परिवार में किसकी कितनी हिस्सेदारी है, यह तय करने के लिए पारिवारिक सजरा को भी आधार बनाया जाए. संगठन के मुताबिक, गलत तरीके से हिस्सेदारी तय होने पर किसानों के जमीन से जुड़े अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए रिकॉर्ड में जमीन की हिस्सेदारी सही तरीके से दर्ज करना जरूरी है.
ट्रांसफार्मर और जर्जर बिजली लाइनों से परेशानी
किसानों ने गांवों में बिजली की समस्या का मुद्दा भी उठाया. संगठन के मुताबिक, ओवरलोड के कारण बार-बार ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं. इससे खेतों की सिंचाई प्रभावित होती है और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. किसान यूनियन ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और खराब ट्रांसफार्मरों को तय समय के भीतर बदलने की मांग की है. इसके साथ ही जर्जर बिजली की लाइनों की मरम्मत और जहां जरूरत हो वहां पुरानी लाइन बदलने की बात कही गई. इसी मुद्दे को लेकर 6 अक्टूबर को बिजली विभाग के मेन इंजीनियर का घेराव करने का फैसला लिया गया है. संगठन का कहना है कि बिजली की समस्या का सीधा असर खेती और किसान की कमाई पर पड़ता है, इसलिए इसका जल्द समाधान जरूरी है.
नहरों में पानी और सिंचाई व्यवस्था सुधारने की मांग
बैठक में सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी किसानों ने अपनी परेशानी बताई. किसानों की मांग है कि नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ा जाए और जरूरत के हिसाब से नहरों की क्षमता बढ़ाई जाए. संगठन ने नहरों से जुड़े पंपों का सही तरीके से संचालन सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि पानी सिर्फ शुरुआती इलाकों तक सीमित न रहे और नहर के आखिरी छोर तक भी पहुंच सके. किसानों के मुताबिक, पर्याप्त सिंचाई पानी मिलने से फसलों को समय पर पानी देना आसान होगा.
बुवाई से पहले खाद की कमी ने बढ़ाई चिंता
आने वाली फसल की बुवाई को देखते हुए बैठक में खाद की कमी पर भी चिंता जताई गई. भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन से किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की है. किसानों का कहना है कि बुवाई के समय खाद नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित हो सकता है. इसलिए खाद की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि किसानों को इसके लिए भटकना न पड़े.
27 अक्टूबर को किसान क्रांति महापंचायत
बैठक में 27 अक्टूबर को प्रयागराज में होने वाली किसान क्रांति महापंचायत की तैयारियों पर भी चर्चा हुई. इसमें चौधरी राकेश टिकैत की मौजूदगी प्रस्तावित है. संगठन के मुताबिक, महापंचायत में किसानों से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को उठाया जाएगा और आगे के आंदोलन की दिशा तय की जाएगी. भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि जमीन, बिजली, सिंचाई और खाद से जुड़े मुद्दे किसानों की रोजमर्रा की खेती और कमाई से सीधे जुड़े हैं. संगठन ने कहा कि इन समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए और किसानों की मांगों को लेकर उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.