एग्रीवेट: आंध्र प्रदेश में अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के साथ जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने को कहा है. नायडू ने मांग के अनुसार फसलों की खेती को बढ़ावा देने और फसल खराब होने पर किसानों को जल्द बीमा मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नुकसान के बाद उन्हें आर्थिक परेशानी न हो.
नायडू ने अधिकारियों को चावल, प्याज, पाम ऑयल और अरहर दाल की कीमतों पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बाजार में कीमतें बढ़ने की स्थिति में गोदामों में रखे चावल के स्टॉक की समीक्षा की जाए और जरूरत के अनुसार उसे बाजार में जारी किया जाए. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से प्याज की खरीद की जा रही है. उन्होंने कहा कि भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए आंध्र प्रदेश में बड़े स्तर पर प्याज की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को पाम ऑयल और अरहर दाल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए. उनका कहना है कि जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए समय पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए.
नायडू ने राज्य में दलहन, मोटे अनाज और सूखा सहने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत बताई. उनका कहना है कि बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को ऐसी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिनमें कम पानी की जरूरत होती है. ऐसे राज्य में इस सीजन अब तक 50.7 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है. प्रकाशम, अन्नमय्या और श्री सत्य साईं जिलों में बारिश की कमी सबसे ज्यादा रही है. वहीं, खरीफ सीजन में राज्य ने 30.84 लाख हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा था. इसके मुकाबले अब तक करीब 79 फीसदी क्षेत्र में ही खेती हो पाई है.
सीएम नायडू ने कहा कि कुरनूल, नांदयाल और अनंतपुर जिलों की फसलों पर अल नीनो का असर खास तौर पर दिखाई दे रहा है. वहीं, राज्य में तिलहन की खेती दलहन की तुलना में कम हुई है. उन्होंने कहा कि अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए बागवानी फसलों की सुरक्षा के लिए 190 करोड़ रुपये जारी किए हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जोखिम वाले इलाकों में फसलों को बचाने के लिए इस राशि का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए.
नायडू ने अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी इलाकों में पीने के पानी की कमी नहीं होने देने के निर्देश दिए. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के जरिए किचन गार्डन को बढ़ावा देने की बात कही. इससे सब्जियों का उत्पादन बढ़ेगा और बाजार में सब्जियों की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 दिनों के भीतर हैंड्री-नीवा नहरों में पानी पहुंचाने के लिए 3,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गांवों का दौरा करने और किसानों को अल नीनो के संभावित असर के बारे में जागरूक करने को कहा.