एग्रीवेट: आज के समय में किसान भाई सिर्फ खेती करने पर ही निर्भर नहीं रह गए है. वह अतिरिक्त कमाई के लिए पोल्ट्री फार्मिंग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. खासकर अगर आप इस करोबार से जुड़कर अंडा उत्पादन करते हैं, तो यह किसान भाइयों के लिए नियमित कमाई का जरिया बन सकता है, लेकिन इस व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले सही मुर्गी की नस्ल चुनना बेहद ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाजारों में कई मुर्गियों की नस्ल की बिक्री होती है, जिनमें कुछ ऐसी नस्ल होती है, जिनकी अंडे देने की भी क्षमता कम होती है. इसलिए मुर्गी की नस्ल का सही चुनाव जरुरी है.
आइए आगे इस लेख में जानें मुर्गियों की इन खास नस्लों की खासियत-
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अगर आपका मुख्य उद्देश्य अंडों का उत्पादन करना है, तो व्हाइट लेगहॉर्न नस्ल आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है. यानी की व्हाइट लेगहॉर्न मुर्गी अपनी अंडे देने की क्षमता के लिए दुनियाभर में मशहूर है. इसका शरीर हल्का और दुबला-पतला होता है. यही वजह है कि इसे कम दाने में अधिक अंडे देने वाली नस्लों में गिना जाता है. साथ ही इस नस्ल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सालभर में लगभग 280 से 350 तक सफेद अंडे दे सकती है और सही देखभाल से अच्छी कमाई होने की भी संभावना बनी रहती है.
रोड आइलैंड रेड यह अमेरिका की प्रसिद्ध मुर्गी नस्ल है. इसका रंग लालिमा लिए हल्का भूरा होता है और इसे अंडे के साथ-साथ मांस उत्पादन के लिए भी पाला जाता है. यानी जो किसान केवल अंडा उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि पोल्ट्री से दो तरह के उत्पादों के जरिए कमाई करना चाहते हैं, उनके लिए यह नस्ल उपयोगी हो सकती है. साथ ही रोड आइलैंड रेड मुर्गी सालभर में लगभग 200 से 250 अंडे दे सकती है.
इसके अलावा, इस नस्ल के अंडों का रंग हल्का भूरा होता है. साथ ही इस नस्ल की एक खास बात यह भी है कि यह अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को ढालने की अच्छी क्षमता रखती है.
पोल्ट्री फार्म शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसान भाइयों, सिर्फ ज्यादा अंडे देने वाली मुर्गियों को खरीद लेना ही सफल पोल्ट्री व्यवसाय की गारंटी नहीं है. इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है-
सबसे पहले मुर्गियों के लिए साफ और हवादार शेड की व्यवस्था करें. उन्हें पर्याप्त साफ पानी और संतुलित आहार दें. समय-समय पर शेड की सफाई करें और बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण और पशु चिकित्सक की सलाह जरूर लें.
इसके अलावा, पोल्ट्री फार्म शुरू करने से पहले अपने आसपास अंडों की मांग और बाजार की उपलब्धता का भी पता लगाएं. इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि उत्पादन के बाद अंडे कहां और किस कीमत पर बेच सकते हैं.
साथ ही, मुर्गियों की खरीद, दाना, दवा, बिजली, मजदूरी और शेड निर्माण जैसे खर्चों का पूरा हिसाब लगाकर ही व्यवसाय शुरू करें.