तमिलनाडु सरकार ने 400 टन प्याज का ऑर्डर किया रद्द, अब लोगों को 35 रुपये किलो प्याज कैसे मिलेगा? – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: तमिलनाडु में राशन दुकानों के जरिए सस्ता प्याज बेचने की सरकार की योजना को झटका लगा है. राज्य के सहकारिता विभाग ने 400 मीट्रिक टन प्याज की खरीद का ऑर्डर रद्द कर दिया है. जांच में इस खेप का 30 फीसदी से ज्यादा प्याज सड़ा हुआ मिला. यह प्याज गुणवत्ता के तय मानकों पर भी खरा नहीं उतरा. सरकार इसे महंगाई से राहत देने के लिए राशन दुकानों पर 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचने वाली थी.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 400 मीट्रिक टन प्याज की खेप 31 अक्टूबर को चेन्नई के कोरुक्कुपेट माल यार्ड पहुंची थी. मालगाड़ी से उतारने के बाद प्याज दो दिनों तक ट्रकों में ही पड़ा रहा. इस दौरान तमिलनाडु के सहकारिता विभाग और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) के बीच खेप की गुणवत्ता को लेकर विवाद चलता रहा. राज्य सरकार ने खराब गुणवत्ता के कारण प्याज लेने से इनकार कर दिया, जबकि NAFED डिलीवरी लेने पर जोर देता रहा. आखिरकार, विभाग के इनकार के बाद NAFED ने इस प्याज को निजी थोक कारोबारियों के पास बिक्री के लिए भेज दिया.

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, 1 सितंबर को प्याज की बिक्री शुरू होने के बाद से अब तक केंद्रीय एजेंसियों से कुल 2,380.32 मीट्रिक टन प्याज खरीदा गया है. इसकी खरीद तीन चरणों में की गई. खरीदे गए प्याज का करीब 92 से 95 फीसदी हिस्सा लोगों को बेचा जा चुका है. एक अधिकारी ने कहा कि तीसरे चरण में अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से राशन दुकानों और गोदामों में प्याज सड़ने की शिकायतें मिलने लगी थीं. इस चरण में कुल 700.19 मीट्रिक टन प्याज खरीदा गया था, जिसमें से 646.14 मीट्रिक टन की बिक्री हुई.

अधिकारी ने कहा कि 20 अक्टूबर को चौथे चरण में 400 मीट्रिक टन प्याज खरीदने का ऑर्डर देते समय सहकारिता विभाग ने NAFED से कहा था कि नासिक से चेन्नई प्याज भेजने से पहले तमिलनाडु के अधिकारी उसकी गुणवत्ता की जांच करेंगे. इसके लिए संयुक्त रजिस्ट्रार के नेतृत्व में एक टीम भी भेजी गई थी. अधिकारी के मुताबिक, तमिलनाडु के अधिकारियों की जांच पूरी होने से पहले ही NAFED ने प्याज को ट्रेन में लोड कर चेन्नई रवाना कर दिया.

नासिक में जांच के दौरान पता चला कि 20 से 25 फीसदी प्याज ‘ए’ ग्रेड के गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर रहा था. चेन्नई पहुंचने के बाद जब खेप की दोबारा जांच की गई, तो करीब 30 फीसदी प्याज सड़ा हुआ मिला. अधिकारी ने बताया कि दो दिनों तक खेप को ट्रकों में रखने के बाद NAFED ने इसे दूसरे खरीदारों को बेचने के लिए भेज दिया.

AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को प्याज खरीद के मामले में TVK सरकार पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि . उन्होंने कहा कि सरकार की गलत व्यवस्था के कारण टैक्सपेयर्स का पैसा बर्बाद हो रहा है. पलानीस्वामी के मुताबिक, उत्तर भारत से चेन्नई लाया गया 250 मीट्रिक टन प्याज वितरण में देरी के कारण सड़ रहा है. उन्होंने NAFED के जरिए खरीदे गए 450 मीट्रिक टन प्याज के बारे में भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दावा है कि उसने प्याज की खेप लेने से इनकार कर दिया था, जबकि NAFED का कहना है कि प्याज का स्टॉक वापस नहीं किया गया है.

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