एग्रीवेट: 23 अक्टूबर 2026, सागर: बीज प्रमाणीकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : कमिश्नर सागर संभाग – कमिश्नर सागर संभाग श्री दिलीप कुमार की अध्यक्षता में गत दिनों कमिश्नर कार्यालय सभागार में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विभागवार संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं, खाद-बीज की उपलब्धता, ऋण वितरण, वेयर हाउस संचालन सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में संभाग में रबी फसलों के लिए खाद की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने कहा कि किसानों को समय पर खाद मिलना अत्यंत आवश्यक है। सभी डबल लॉक केन्द्रों पर मांग के अनुसार खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने डबल लॉक केन्द्रों एवं सहकारी समितियों से वितरित होने वाले खाद और वर्तमान में उपलब्ध स्टॉक की भी समीक्षा की। मांग के अनुसार खाद की उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि संभाग में कहीं भी खाद की कमी न हो और वितरण व्यवस्था पारदर्शी एवं सुचारू रहे। कमिश्नर ने अल्पावधि ऋण वितरण की स्थिति पर चर्चा करते हुए सहकारिता विभाग को निर्देशित किया कि इस संबंध में बैंकों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाए ताकि किसानों को समय पर ऋण सुविधा का लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने डिफॉल्टर सोसायटियों की सूची तैयार कर नियमानुसार आगामी कार्यवाही करने के निर्देश दिए, ताकि सहकारी व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।
उद्यानिकी विभाग द्वारा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के रकबे में वृद्धि की जाए। अधिक से अधिक किसानों को उद्यानिकी फसलें अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने जिले में संचालित छोटी निर्माण इकाइयों का एमएसएमई में पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।कमिश्नर ने किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए फार्म गेट ऐप से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लांच किया गया निःशुल्क एंड्रॉयड ऐप है, जिसके माध्यम से किसान बिना मंडी जाए अपनी फसल या कृषि उपज को सीधे अपने घर, खलिहान या गोदाम से पंजीकृत व्यापारियों को उचित भाव पर बेच सकते हैं।
बैठक में वेयर हाउस संचालन की समीक्षा की गई। संभाग में कुल संचालित शासकीय एवं अशासकीय वेयर हाउस की संख्या, उनकी भंडारण क्षमता एवं वर्तमान रिक्त क्षमता की जानकारी ली गई। निर्देश दिए गए कि रिक्त क्षमता का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।बीज प्रमाणीकरण की प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि बीज प्रमाणीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बीज निगम को संभाग में अपने डेड स्टॉक की जानकारी लेकर उसकी जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही तरल आधारित बायो फर्टिलाइजर की बिक्री बढ़ाने और किसानों को बायो फर्टिलाइजर के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।बैठक में सहकारिता, उद्यानिकी, एम.पी. एग्रो, बीज निगम, कृषि विभाग, म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ, वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन, मंडी बोर्ड सहित संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।