महाराष्ट्र में सूखे की मार, 1.41 करोड़ हेक्टेयर में फसलों को भारी नुकसान.. केंद्र से मांगे 31 हजार करोड़ रुपये – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सूखे के कारण फसलों और किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से करीब 31 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मांगी है. महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है. इसके अलावा, राज्य सरकार आगामी रबी सीजन की तैयारी के लिए भी अलग से अतिरिक्त आर्थिक सहायता मांगेगी, ताकि किसान अगली फसल की बुवाई कर सकें.

महाराष्ट्र सरकार ने यह प्रस्ताव सूखा प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद केंद्र को भेजा है. राज्य के 304 सूखा प्रभावित तालुकों के 37,496 गांवों में सर्वे किया गया. इसमें पता चला कि इन गांवों में कुल 1.66 करोड़ हेक्टेयर खेती की जमीन में से 1.415 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों को 33 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है. महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने राज्य के 358 में से 304 तालुकों में सूखा घोषित किया था. यह फैसला जमीनी हालात और खेती पर पड़े असर की समीक्षा के बाद लिया गया था.

राहत और पुनर्वास विभाग के एक अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को कहा कि केंद्र से आर्थिक मदद मांगने के लिए पहले फसल नुकसान का आकलन पूरा करना जरूरी था. अब यह सर्वे पूरा हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, खरीफ सीजन में 1.415 करोड़ हेक्टेयर जमीन पर लगी फसलों को 33 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है. इसके आधार पर राज्य सरकार ने केंद्र को करीब 31 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव भेजा है.

मौजूदा नियमों के मुताबिक, जिन किसानों की फसल को 33 फीसदी या इससे ज्यादा नुकसान होता है, वे सरकारी मुआवजे के हकदार होते हैं. इसके तहत बारिश पर निर्भर खेती करने वाले किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित जमीन पर खेती करने वालों को 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के नुकसान पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाती है.

इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित 304 तालुकों के किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देना भी शुरू कर दिया है. सरकार का लक्ष्य है कि दिवाली से पहले यह रकम किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाए. इस सप्ताह की शुरुआत में राज्य मंत्रिमंडल ने करीब 1.5 करोड़ किसानों को यह राशि देने की मंजूरी दी थी. साथ ही, केंद्र से बड़े राहत पैकेज की मांग वाला प्रस्ताव 31 अक्टूबर तक भेजने का फैसला लिया गया था.

राहत और पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव विनिता वेद सिंघल ने भी प्रस्ताव भेजे जाने की पुष्टि की है. हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया. महाराष्ट्र सरकार आगामी रबी सीजन के लिए भी केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक मदद मांगने की तैयारी कर रही है. राज्य में सूखे का असर जारी रहने से किसानों के लिए अगली फसल की बुवाई करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में सरकार किसानों को रबी सीजन की खेती के लिए आर्थिक सहायता देना चाहती है.

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