एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश में सितंबर महीने में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि एक बार फिर खराब मौसम ने दस्तक दे दी है. इस बार बारिश और तेज हवाओं का असर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिला है. इससे पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा किसानों की फसलें प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. खास बात यह है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 5.50 लाख किसानों को मुआवजे के लिए पात्र पाया गया है.
बारिश और तेज हवाओं का यह दौर धान की कटाई के समय आया है. साथ ही, कई इलाकों में रबी फसलों की बुवाई भी शुरू हो गई है. ऐसे में किसानों को फसल नुकसान की चिंता सता रही है. कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस बार मौसम का असर राज्य के बड़े इलाके में हुआ है. इसलिए कृषि विभाग में फसल नुकसान की शिकायत लेकर पहुंचने वाले किसानों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है.
गुजरात में मूंगफली की पैदावार को बड़ा झटका! 20 फीसदी तक घट सकता है उत्पादन, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान – एग्रीवेट
उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिर में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसल को हुए नुकसान का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि करीब 6 लाख बीमित किसानों ने मुआवजे के लिए शिकायत दर्ज कराई थी. इन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत कृषि विभाग के ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से आवेदन किया था. जांच के बाद विभाग ने करीब 5.50 लाख किसानों को मुआवजे के लिए पात्र पाया है. पिछली बार फसल नुकसान की सबसे ज्यादा शिकायतें कुछ जिलों से मिली थीं. इनमें ललितपुर सबसे आगे रहा. कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ललितपुर में ही करीब 2.80 लाख किसानों को जांच के बाद मुआवजे के लिए पात्र पाया गया है. इसके अलावा महोबा में 98 हजार, झांसी में 55 हजार, मथुरा में 48 हजार, जालौन में 44 हजार और मिर्जापुर में 17 हजार किसानों को मुआवजे के लिए पात्र माना गया है.
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों के कई जिलों से इस बार फसल नुकसान की खबरें मिली हैं. ऐसे में सितंबर में हुई बारिश के मुकाबले इस बार प्रभावित किसानों की संख्या काफी ज्यादा होने की आशंका है. कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है. वहीं, कटाई के बाद खेतों में रखी उपज बारिश में भीग रही है. कई जगहों पर खेतों में पानी भरने की समस्या भी सामने आई है. अधिकारी ने बताया कि बारिश से रबी फसलों की बुवाई की तैयारियों पर भी असर पड़ा है. इसके अलावा, जिन किसानों ने आलू, सरसों और दूसरी फसलों की शुरुआती बुवाई कर दी थी, उन्हें भी नुकसान की आशंका है.
उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए किसानों से शिकायतें मिलने के बाद कृषि विभाग खेतों का सर्वे कराएगा. इसके आधार पर फसल नुकसान का आकलन किया जाएगा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा. वहीं, जिन किसानों ने फसल का बीमा नहीं कराया है, उन्हें तय नियमों के अनुसार राज्य आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद दी जाएगी.