एग्रीवेट: 30 अक्टूबर 2026, चेन्नई: तमिलनाडु में 10 हजार ग्रामीण महिलाओं को हर साल मिलेंगी मुफ्त दुधारू गायें, 57 करोड़ रुपये मंजूर – तमिलनाडु सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की आमदनी बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में मुफ्त दुधारू गायें वितरित करने की योजना के लिए 57 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। योजना के तहत हर साल 10 हजार पात्र महिलाओं को गायें दी जाएंगी। राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में इस पहल की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नियमित आय का स्रोत उपलब्ध कराने के साथ महिलाओं को पशुपालन आधारित आजीविका से जोड़ना है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को स्वस्थ और अधिक दूध देने वाली क्रॉस ब्रीड गाय उपलब्ध कराई जाएगी। इन गायों की न्यूनतम दूध उत्पादन क्षमता प्रतिदिन आठ लीटर निर्धारित की गई है। सरकार को उम्मीद है कि महिलाएं दूध की बिक्री के माध्यम से नियमित आमदनी अर्जित कर सकेंगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बना पाएंगी।राज्य सरकार का जोर ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी गतिविधियों का विस्तार करने और दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत बनाने पर भी है। योजना के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण परिवारों को आजीविका का अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के लिए आय अर्जित करने वाली स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करना है। अधिकारी के अनुसार, उचित पशु चिकित्सा देखभाल, संतुलित पोषण और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने पर एक गाय पांच साल की अवधि में तीन से चार बार बच्चे दे सकती है। इससे महिलाओं को लंबे समय तक डेयरी व्यवसाय जारी रखने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
योजना में पशुओं के उचित प्रबंधन, पोषण और वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ परिवारों की पोषण सुरक्षा को भी लाभ मिलेगा।
तमिलनाडु सरकार ने विधायक निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना (एमएलएसीडीएस) के दिशानिर्देशों में भी संशोधन किया है। इसके तहत अब विधायक निधि से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए उपकरण और फर्नीचर खरीदे जा सकेंगे। इससे पहले वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए जारी दिशानिर्देशों में इस मद के अंतर्गत सरकारी स्कूलों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), कॉलेजों और छात्रावासों को शामिल किया गया था। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज आयुक्त के प्रस्ताव के बाद सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विधायक निधि के उपयोग का रास्ता खुलेगा।