यूपी से मॉनसून की विदाई, इस बार 10 साल में सबसे ज्यादा बारिश.. बुंदेलखंड में जमकर बरसे बादल – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: UP Monsoon Withdrawal 2026: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश से पूरी तरह विदाई ले ली. मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार मॉनसून ने प्रदेश में दस्तक जरूर देर से दी, लेकिन बाद के महीनों में हुई अच्छी बारिश ने शुरुआती कमी की भरपाई कर दी. पूरे सीजन में यूपी में सामान्य से 8 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई. खास बात यह है कि, 2026 का मॉनसून पिछले 10 सालों में प्रदेश के लिए सबसे ज्यादा बारिश वाला रहा. बुंदेलखंड, जिसे अक्सर सूखे का सामना करना पड़ता है, वहां भी इस बार खूब बारिश हुई.

मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र के अनुसार, मॉनसून ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से 23 सितंबर को वापसी शुरू की थी. इसके बाद धीरे-धीरे बाकी हिस्सों से भी इसकी विदाई हुई और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से मॉनसून लौट गया. सामान्य तौर पर यूपी से मॉनसून की विदाई 5 अक्टूबर के आसपास होती है. यानी इस बार यह करीब दो दिन पहले ही लौट गया. इस साल मॉनसून का आगमन भी देरी से हुआ था. सामान्य तारीख 18 जून के बजाय 30 जून को मॉनसून यूपी पहुंचा. हालांकि, इसके बाद इसकी रफ्तार तेज रही और 2 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मॉनसून फैल गया.

1 जून से 30 सितंबर तक चले मॉनसून सीजन में यूपी में कुल 802.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. सामान्य तौर पर इस अवधि में 746.2 मिलीमीटर बारिश होती है. इस हिसाब से प्रदेश में सामान्य से 8 फीसदी ज्यादा बारिश हुई. पूर्वी यूपी में 817 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 2 फीसदी ज्यादा है. वहीं पश्चिमी यूपी में 782.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 16 फीसदी अधिक है.

इस बार कई जिलों में बारिश ने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. प्रदेश के 14 जिलों में 1,000 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. इनमें चित्रकूट 1,358.1 मिलीमीटर बारिश के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद बांदा में 1,348.4, बिजनौर में 1,348.2, बहराइच में 1,343.8 और हमीरपुर में 1,307.7 मिलीमीटर बारिश हुई. संभल, खीरी, महोबा, कानपुर नगर, मुरादाबाद, कन्नौज, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शाहजहांपुर में भी 1,000 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. खास बात यह रही कि बुंदेलखंड के कई जिलों में इस बार खूब पानी बरसा. यह इलाका आमतौर पर सूखे और पानी की कमी के लिए जाना जाता है.

जिला स्तर पर भी बारिश के आंकड़े काफी अलग रहे. बांदा, चित्रकूट, कन्नौज, कानपुर नगर, एटा, हमीरपुर, महोबा, मेरठ और संभल में सामान्य से 60 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई. वहीं 17 जिलों में बारिश सामान्य से 20 से 59 फीसदी तक ज्यादा रही. देवरिया, कुशीनगर, गाजियाबाद और शामली में सामान्य से 60 से 99 फीसदी तक कम बारिश हुई.

मॉनसून के शुरुआती दौर में यूपी में बारिश की कमी थी. जून में सिर्फ 43.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 54 फीसदी कम थी. जुलाई में भी बारिश सामान्य से 17 फीसदी कम रही. इसके बाद अगस्त में तस्वीर बदली और बारिश सामान्य से 24 फीसदी ज्यादा हुई. सितंबर में सामान्य से 63 फीसदी ज्यादा बारिश हुई. पूर्वी यूपी में सितंबर की बारिश सामान्य से 58 फीसदी ज्यादा रही, जबकि पश्चिमी यूपी में यह आंकड़ा 74 फीसदी अधिक रहा. इसी वजह से शुरुआती कमी पूरी हो गई और पूरे सीजन का आंकड़ा सामान्य से 8 फीसदी ऊपर पहुंच गया. मौसम विभाग के पिछले 10 साल के आंकड़ों के अनुसार, 2026 यूपी के लिए सबसे ज्यादा बारिश वाला मॉनसून सीजन रहा.

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