एग्रीवेट: मध्य प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 317.86 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि जारी करेगी. धार जिले के सरदारपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव यह राशि एक क्लिक के जरिए किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे. सरकार का कहना है कि फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना और नुकसान की भरपाई में मदद करना उसकी प्राथमिकता है. इससे प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किसानों को फसल बीमा राशि जारी करने की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसल वर्ष 2025-26 के लिए 317.86 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे. इस राशि का भुगतान करीब 16.70 लाख पात्र किसान आवेदकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किया जाएगा. योजना का उद्देश्य फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक मदद देना और नुकसान की भरपाई में सहायता करना है.
अन्नदाता की समृद्धि
मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प
आज सरदारपुर, धार में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹317.86 करोड़ की फसल बीमा दावा राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण करूंगा।
किसानों को फसल क्षति की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिले और उनकी मेहनत को संबल प्राप्त हो, यह हमारा संकल्प है।
खास बात यह है कि इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव सिंचाई परियोजना की शुरुआत भी करेंगे. उन्होंने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि आज प्रदेश में किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के लिए 2,387.60 करोड़ रुपये की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना शुरू की जाएगी. धार में आयोजित कार्यक्रम में इस परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा. इसके पूरा होने से धार और झाबुआ जिलों के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी. इससे किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और खेती पर निर्भर परिवारों को लाभ होने की उम्मीद है.
मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों में खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना अहम है. सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने से किसानों को फसलों की जरूरत के अनुसार पानी मिल सकेगा. इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार करने में मदद मिलने की उम्मीद है. वहीं, कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा कि इस परियोजना से धार और झाबुआ जिले की करीब 57,400 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी. इससे दोनों जिलों के किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उन्हें लाभ होने की उम्मीद है.