चावल निर्यात में तेलंगाना की बड़ी तैयारी, एशिया-अफ्रीका के देशों से करेगा लंबी डील—पढ़ें इनसाइड स्टोरी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: तेलंगाना चावल के निर्यात को बढ़ाने के लिए एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों के साथ लंबे समय के आपूर्ति समझौते करने की तैयारी कर रहा है. राज्य का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रीमियम चावल की पहचान मजबूत करना है. तेलंगाना ने 2025 में फिलीपींस को 30,000 टन चावल निर्यात किया था. अब राज्य दूसरे देशों में भी अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है. खास बात यह है कि तेलंगाना सरकार चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के साथ राज्य को एक भरोसेमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी निर्यातक बनाना चाहती है. नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक, राज्य अब केवल बड़ी मात्रा में चावल बेचने के बजाय अपने ब्रांड के तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बनाने पर जोर दे रहा है.

दरअसल, फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित इंटरनेशनल वर्ल्ड राइस कॉन्फ्रेंस (IWRC) 2026 में तेलंगाना के नागरिक आपूर्ति आयुक्त एम. स्टीफन रवींद्र ने राज्य की चावल उत्पादन क्षमता को सामने रखा. उन्होंने कहा कि तेलंगाना चावल उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्यों में उभर रहा है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और व्यापारिक भागीदारों से तेलंगाना के साथ चावल की आपूर्ति के लिए लंबे समय के समझौते करने की अपील की. इससे राज्य को प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

विभाग ने एक बयान में कहा कि तेलंगाना में चावल का उत्पादन घरेलू जरूरतों से अधिक है. सरकार इस अतिरिक्त चावल से ज्यादा आर्थिक लाभ हासिल करना चाहती है. इसके साथ ही, प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना है. हालांकि, सरकार का कहना है कि चावल के निर्यात को बढ़ाने के साथ देश की खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त चावल उपलब्ध रखना प्राथमिकता बनी रहेगी.

तेलंगाना ने पिछले सीजन में 1.85 करोड़ टन चावल का उत्पादन किया. देश के कुल चावल उत्पादन में राज्य की हिस्सेदारी करीब 12 फीसदी रही, जबकि देश के कुल चावल उत्पादक क्षेत्र में तेलंगाना की हिस्सेदारी केवल 10 फीसदी है. उत्पादन के इस मजबूत आधार को देखते हुए राज्य अब अतिरिक्त चावल के प्रबंधन से आगे बढ़कर निर्यात और ब्रांडिंग के जरिए ज्यादा कमाई करने पर जोर दे रहा है. इसके साथ ही, तेलंगाना सरकार उच्च गुणवत्ता वाले महीन और सुपरफाइन चावल की किस्मों को बढ़ावा दे रही है. इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ग्राहकों की बदलती पसंद को पूरा करना और प्रीमियम चावल के बाजार में राज्य की मजबूत पहचान बनाना है.

तेलंगाना ने 2025 में फिलीपींस को 30,000 टन चावल का निर्यात किया था. अब राज्य इस सफलता के आधार पर दूसरे देशों के साथ लंबे समय के लिए आपूर्ति समझौते करना चाहता है. इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना कारोबार बढ़ाने की योजना है. नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक, तेलंगाना भरोसेमंद आपूर्ति व्यवस्था और पारदर्शी व्यापार प्रक्रियाओं के जरिए दूसरे देशों के साथ अपने व्यापारिक संबंध मजबूत करेगा. विभाग ने कहा कि राज्य ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौते करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनसे लंबे समय तक आर्थिक लाभ मिले और वैश्विक बाजार में तेलंगाना की पहचान एक भरोसेमंद चावल आपूर्तिकर्ता के रूप में बने.

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