Tip Of The Day: गेहूं की बुवाई से पहले किसान ध्यान दें! जुताई से लेकर खाद-पानी तक इन बातों का रखें ख्याल – एग्रीवेट

Team Agrivate
5 Min Read

एग्रीवेट: Gehun Ki Buwai: गेहूं की अच्छी फसल पाने के लिए सिर्फ अच्छे बीज खरीदना ही काफी नहीं है. खेत की तैयारी भी उतनी ही जरूरी है. अगर बुवाई से पहले मिट्टी को सही तरीके से तैयार किया जाए, खेत में नमी बनी रहे और खाद का सही इस्तेमाल हो, तो बीजों का अंकुरण अच्छा हो सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार कृषि विभाग ने किसानों को गेहूं की बुवाई से पहले खेत की तैयारी पर ध्यान देने की सलाह दी है.

गेहूं की बुवाई से पहले खेत की जरूरत के हिसाब से जुताई करें. इससे मिट्टी खुल जाती है और बीज डालने के लिए खेत तैयार होता है. अगर खेत में मिट्टी के बड़े-बड़े ढेले हैं या पिछली फसल के अवशेष ज्यादा हैं, तो उन्हें भी ठीक से संभाल लें. हालांकि, हर खेत में बार-बार गहरी जुताई करना जरूरी नहीं होता. मिट्टी की हालत और पिछली फसल को देखते हुए जुताई का तरीका तय करना चाहिए.

बिहार कृषि विभाग के अनुसार, जुताई के बाद खेत में पाटा चलाना भी जरूरी है. इससे मिट्टी के बड़े ढेले टूटने में मदद मिलती है और खेत की सतह समतल हो जाती है. समतल खेत में सिंचाई का पानी आसानी से फैलता है और एक जगह ज्यादा पानी जमा होने की आशंका कम होती है.

अक्टूबर माह के कृषि कार्य

#BiharAgricultureDept

@VijayKrSinhaBih

गेहूं के बीजों को अच्छी तरह अंकुरित होने के लिए मिट्टी में सही मात्रा में नमी चाहिए. बिहार कृषि विभाग के अनुसार, अगर मिट्टी बहुत सूखी है, तो बीजों का अंकुरण प्रभावित हो सकता है. वहीं, खेत में जरूरत से ज्यादा पानी भरने से भी परेशानी हो सकती है. इसलिए बुवाई से पहले खेत की नमी जरूर जांच लें. सिंचाई की जरूरत हो, तो खेत की हालत के हिसाब से पानी दें और उसके बाद बुवाई करें.

अच्छी पैदावार के लिए खेत में खाद और उर्वरक का संतुलित इस्तेमाल जरूरी है. गोबर की सड़ी हुई खाद या दूसरी जैविक खाद मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद कर सकती है. इसके साथ ही, मिट्टी की जरूरत के मुताबिक खाद और उर्वरक डालें. बिना जरूरत ज्यादा खाद डालने से खर्च बढ़ सकता है और फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए मिट्टी की जांच और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर खाद की मात्रा तय करना बेहतर है.

बिहार कृषि विभाग किसानों को बुवाई से पहले खेत की तैयारी पर ध्यान देने की सलाह दे रहा है. खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या मार्गदर्शन के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं. दी गई जानकारी के मुताबिक, इस नंबर पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बात की जा सकती है.

Share This Article