तेलंगाना में सूखे जैसे हालात पर 12 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक, किसानों की समस्याओं पर होगी चर्चा – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Telangana News: तेलंगाना में अल नीनो और सूखे जैसे हालात के असर को देखते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 12 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्रियों के साथ विशेष बैठक करेंगे. इसमें राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश और सूखे की स्थिति, किसानों की समस्याओं और संकट से निपटने के लिए तत्काल उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा होगी. बैठक में कृषि, सिंचाई के लिए पानी और पीने के पानी की आपूर्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा. इसके अलावा, बिजली की बढ़ती मांग और लोगों की तत्काल जरूरतों पर चर्चा होने की संभावना है.

सूखे से प्रभावित इलाकों में राहत देने के उपायों पर भी बैठक में विचार किया जाएगा. साथ ही, कैबिनेट की उपसमिति की ओर से पहले से तैयार कार्ययोजना की समीक्षा भी हो सकती है. बैठक में सर्वदलीय बैठक बुलाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है. इसके अलावा, किसान संगठनों और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों से मिले सुझावों पर भी विचार किया जाएगा. इससे पहले राज्य कैबिनेट की एक बैठक में अल नीनो के संभावित असर पर विस्तार से चर्चा हुई थी. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि तेलंगाना में सामान्य से 17 फीसदी कम बारिश हुई है. राज्य के कुल 612 मंडलों में से 235 में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं.

तेलंगाना विधानसभा ने सितंबर में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य को आर्थिक मदद  देने की मांग की थी. राज्य सरकार ने सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए केंद्र से 20,000 करोड़ रुपये का विशेष सहायता पैकेज देने का अनुरोध किया है. इस बीच, तेलंगाना के कृषि मंत्री थुम्मला नागेश्वर राव ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए राज्य सरकार बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने बताया कि राज्य में अलग-अलग फसलों की खेती का रकबा बढ़ा है. सरकार अब सब्जियों की खेती का रकबा और बढ़ाने की दिशा में काम करेगी.

तेलंगाना के कृषि मंत्री थुम्मला नागेश्वर राव ने अधिकारियों को किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में उगाई जाने वाली सब्जियों को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने और वहां बेचने के लिए योजना तैयार की जानी चाहिए. मंत्री ने अधिकारियों को राज्य के हर पुराने जिले में एक ऑयल पाम फैक्ट्री स्थापित करने का भी निर्देश दिया.

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