महंगाई की मार! 8 रुपये लीटर महंगा हो सकता है दूध, राज्य सरकार ने कीमतों में बढ़ोतरी को दी मंजूरी – एग्रीवेट

Team Agrivate
5 Min Read

एग्रीवेट: कर्नाटक सरकार ने नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इससे राज्य में दूध की कीमत बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, नई कीमतों का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. विधान परिषद चुनावों को देखते हुए राज्य में आचार संहिता लागू है. इसी वजह से फिलहाल कीमत बढ़ाने की घोषणा नहीं की गई है. अगर पूरी बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाता है, तो नंदिनी के नीले पैकेट वाले टोंड दूध की कीमत 46 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे डेयरी यूनियनों की बढ़ती लागत और कर्नाटक में किसानों से दूध खरीदने की दरों और पड़ोसी राज्यों की दरों के बीच बढ़ता अंतर प्रमुख वजह बताया जा रहा है.

नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव दूध यूनियनों और डेयरी किसानों की लगातार मांग के बाद आया है. प्रतिनिधियों ने दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग की थी. उनका कहना है कि पशु चारा, हरा चारा, पशुओं की दवाइयों, दूध प्रसंस्करण, परिवहन और पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है. सितंबर में भी दूध उत्पादकों ने 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग की थी. किसानों के मुताबिक, सूखे की वजह से चारे की उपलब्धता कम हुई है और इसकी लागत बढ़ गई है. वहीं, कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) की रोजाना दूध खरीद भी पिछले तीन महीनों में घट गई है. दूध की खरीद करीब 1.11 करोड़ लीटर से घटकर 1.03 करोड़ लीटर प्रतिदिन रह गई है.

दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे पशु चारे की बढ़ती लागत भी बड़ी वजह है. कांग्रेस विधायकों के मुताबिक, पशु चारे की एक बोरी की कीमत पहले 700-750 रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1,250 रुपये हो गई है. यानी चारे के दाम में करीब 67-79 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. दूध उत्पादकों का कहना है कि पिछली बार दूध की कीमत बढ़ाए जाने के बाद से पैकेजिंग की लागत भी करीब 40 फीसदी बढ़ गई है. इससे डेयरी किसानों और दूध यूनियनों पर लागत का दबाव बढ़ा है.

अगर इस बार कीमत बढ़ाने का फैसला लागू होता है, तो यह हाल के वर्षों में नंदिनी दूध के दाम में पांचवीं बढ़ोतरी होगी. इससे पहले नवंबर 2022 में दूध की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर, जुलाई 2023 में 3 रुपये, जून 2024 में 2 रुपये और मार्च 2025 में 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई थी. कर्नाटक की दूध यूनियनों का कहना है कि राज्य में किसानों से दूध खरीदने की कीमत दूसरे दक्षिणी राज्यों के मुकाबले कम है. टोंड दूध के लिए कर्नाटक में किसानों को 35 रुपये प्रति लीटर मिलते हैं. वहीं, आंध्र प्रदेश में यह दर 41.50 रुपये, केरल में 41.80 रुपये, महाराष्ट्र में 41 रुपये और तमिलनाडु में 42.24 रुपये प्रति लीटर है. दूध यूनियनों का कहना है कि खरीद दर में यह अंतर किसानों की आय और दूध की उपलब्धता पर असर डाल रहा है.

Share This Article