एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश सरकार ने मोटे अनाज की सरकारी खरीद शुरू कर दी है. योगी कैबिनेट ने मक्का, ज्वार, बाजरा की खरीद को मंजूरी दे दी है. खरीद एजेंसियों के जरिए 31 दिसंबर तक किसानों से उनकी उपज बढ़े हुए एमएसपी पर खरीदी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को उनकी उपज का भगुतान 48 घंटे में करने के निर्देश दिए हैं. इस बार मोटे अनाज की खरीद का टारगेट भी बढ़ाया है. बाजरा की 2.20 लाख मीट्रिक टन खरीद की जाएगी. जबकि, ज्वार 50 हजार मीट्रिक टन और 15 हजार मीट्रिक टन मक्का की खरीद का टारगेट है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के तहत ‘श्रीअन्न’ (मोटे अनाज) की खरीद 31 दिसंबर तक करने का ऐलान किया है. राज्य के खाद्य व रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक ‘मोटे अनाज’ में शामिल ज्वार (मालदांडी) का 4073, ज्वार (हाईब्रिड) का 4023 रुपये, बाजरा का 2900 और मक्का का 2410 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 48 घंटे में किसानों को भुगतान कराने का निर्देश दिया है. किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा. किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं. इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं. बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी.
मक्का खरीद 25 जनपदों में होगी. यह जनपद बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र एवं ललितपुर हैं.
बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर, जालौन, झांसी, फिरोजाबाद में ज्वार की खरीद होगी.
उत्तर प्रदेश में खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान बाजरा, ज्वार और मक्का की खरीद के लिए कुल 455 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे. इनमें बाजरा खरीद के लिए 300, ज्वार के लिए 80 और मक्का के लिए 75 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं. सरकार ने बाजरे की 2.20 लाख मीट्रिक टन, ज्वार की 50 हजार मीट्रिक टन और मक्का की 15 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है. इस तरह तीनों फसलों की कुल 2.85 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.