एग्रीवेट: आंध्र प्रदेश सरकार किसानों की इनकम बढ़ाने और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए राज्य में 19 सहजन प्रोसेसिंग यूनिट खोलने की योजना बना रही है. ये यूनिट किसान उत्पादक संगठनों यानी FPOs के जरिए खोली जाएंगी. SERP मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने कहा है कि इस पहल का मकसद सहजन की खेती करने वाले किसानों को उसकी बेहतर कीमत दिलाना और फसल में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना है. इन प्रोसेसिंग यूनिट के लिए कडपा के वीराबल्ली और तिरुपति के येर्रावरिपलेम में चल रही सफल इकाइयों को मॉडल के तौर पर लिया जाएगा.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की योजना किसानों को सिर्फ कच्ची सहजन की पत्तियां बेचने तक सीमित रखने की नहीं है. किसान प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग जैसे कामों से भी जुड़ सकेंगे. इससे उन्हें सहजन की पूरी वैल्यू चेन का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
आंध्र प्रदेश सरकार का कहना है कि प्रोसेसिंग यूनिट के लिए जगह का चयन स्थानीय जलवायु, सहजन की खेती के रकबे, कच्चे माल की उपलब्धता, किसानों की रुचि और FPOs की क्षमता को ध्यान में रखकर किया जाएगा. सरकार तमिलनाडु के पेरियाकुलम स्थित हॉर्टिकल्चर कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट से अच्छी गुणवत्ता वाले अधिक उत्पादन देने वाले बीज खरीदेगी. इन बीजों को किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि सहजन की बेहतर पैदावार हासिल की जा सके.
किसानों और FPO प्रतिनिधियों के लिए अध्ययन दौरे भी आयोजित किए जाएंगे. इन दौरों के जरिए उन्हें सहजन की प्रोसेसिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और मार्केटिंग की जानकारी दी जाएगी. सरकार की योजना किसानों को सिर्फ कच्ची सहजन की पत्तियां बेचने तक सीमित रखने की नहीं है. किसान प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग जैसे कामों से भी जुड़ सकेंगे. इससे वे सहजन की पूरी वैल्यू चेन का हिस्सा बनेंगे और अपनी उपज से ज्यादा कमाई कर सकेंगे.
मंत्री ने कहा है कि तिरुपति के येर्रावरिपलेम में आजीविका निधि से स्थापित सहजन प्रोसेसिंग प्लांट इसका उदाहरण है. यह यूनिट रोजाना करीब 250 किलो सहजन पाउडर तैयार कर रही है. इस यूनिट की शुरुआत करने पर 86.80 लाख रुपये खर्च हुए हैं. यह प्लांट करीब 300 एकड़ में उगाई जा रही सहजन की पत्तियों की खरीद करता है. सरकार इसी तरह की सफल इकाइयों को मॉडल बनाकर राज्य के दूसरे हिस्सों में भी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की योजना बना रही है. श्रीनिवास ने कहा कि किसान एक किलो सहजन की पत्तियां उगाने में 10 रुपये खर्च करते हैं, जबकि FPOs उन्हें Rs 15 प्रति किलो के हिसाब से खरीदते हैं, जिससे किसानों को 5 रुपये प्रति किलो का मार्जिन मिलता है. योग्य किसान रोजगार गारंटी स्कीम के तहत प्रति एकड़ 1.30 लाख रुपये तक की डेवलपमेंट एड पा सकते हैं. उन्होंने कहा कि मोरिंगा की खेती से किसानों को 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की हर महीने कमाई हो सकती है.