एग्रीवेट: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात अर्नब से प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित हर परिवार को तत्काल राहत के तौर पर 50 किलो चावल और 2,500 रुपये दिए जाएंगे. वहीं, जिन किसानों की 33 फीसदी या इससे अधिक फसल खराब हुई है, उन्हें इनपुट सब्सिडी यानी खेती की लागत पूरी करने के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी. सरकार के मुताबिक, असिंचित जमीन पर खेती करने वाले किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर और सिंचित जमीन वाले किसानों को 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद दी जाएगी. वहीं, बारहमासी फसलों को नुकसान होने पर किसानों को 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता मिलेगी. यह मदद अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन के लिए दी जाएगी.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विशेष राहत आयुक्त (SRC) कार्यालय में राहत, पुनर्वास और नुकसान के आकलन से जुड़े कामों की समीक्षा के बाद इस पैकेज की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि . उन्होंने कहा कि सरकार चक्रवात से प्रभावित सभी लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि चक्रवात और उसके बाद आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की आठ सदस्यीय टीम 2 से 4 नवंबर तक ओडिशा का दौरा करेगी. यह टीम सबसे ज्यादा प्रभावित गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में नुकसान का आकलन करेगी. माझी ने कहा कि वह लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में हैं. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी राज्य के हालात को लेकर बातचीत की है.
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इस बीच, एक और चक्रवात ‘मुरासु’ का खतरा मंडरा रहा है. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों में तैनात सरकारी टीमों को वहीं बने रहने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि ये टीमें राहत कार्यों के साथ-साथ मौसम और हालात पर भी लगातार नजर रखें. राहत पैकेज के तहत जिन किसानों के खेतों में रेत और गाद जमा हो गई है, उन्हें इसे हटाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार इस काम के लिए 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मदद देगी. हालांकि, किसानों को कम से कम 2,200 रुपये की सहायता जरूर मिलेगी. इसके अलावा, किसानों को दोबारा बुवाई में मदद देने के लिए 1.75 लाख बीज किट बांटी जाएंगी. इनमें 1.20 लाख दलहन, 5,000 तिलहन और 50,000 सब्जियों की बीज किट शामिल हैं.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि चक्रवात से प्रभावित गन्ना किसानों को भी विशेष आर्थिक मदद दी जाएगी. किसानों की जरूरत के मुताबिक, स्पेस ट्रांसप्लांटिंग विधि से गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए 27,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी. वहीं, फसल प्रबंधन के लिए 12,500 रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे. इसके अलावा, रबी सीजन 2026-27 के दौरान प्रभावित किसानों को रासायनिक और जैविक कीटनाशक खरीदने पर 75 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी. जिन इलाकों में 33 फीसदी या इससे ज्यादा खरीफ फसल का नुकसान हुआ है, वहां किसानों के अल्पकालीन फसल ऋण को मध्यम अवधि के कर्ज में बदल दिया जाएगा. इससे किसानों को कर्ज चुकाने के लिए अधिक समय मिल सकेगा.