ट्रैक्टरों की बिक्री में 12.6 फीसदी की गिरावट, क्या सूखे के असर से टूटा ट्रैक्टर बाजार ? – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Tractor Sales September 2026: देश के ग्रामीण इलाकों में कमजोर मॉनसून का असर अब ट्रैक्टरों की बिक्री पर भी दिखाई देने लगा है. सितंबर में भारत में ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री में अगस्त के मुकाबले 12.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. डीलरों के मुताबिक, बारिश का कमजोर रहना और त्योहारी सीजन में देरी इसकी बड़ी वजह रही.

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में देशभर में 76,906 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई. अगस्त में यह आंकड़ा 87,977 यूनिट था. यानी एक महीने में करीब 11 हजार ट्रैक्टर कम बिके. ट्रैक्टरों की बिक्री का सीधा संबंध गांवों की आर्थिक स्थिति और खेती से जुड़ी आमदनी से माना जाता है. जब बारिश सही समय और पर्याप्त मात्रा में नहीं होती, तो किसानों की कमाई और खेती से आने वाला पैसा प्रभावित हो सकता है. ऐसे में किसान ट्रैक्टर जैसी बड़ी खरीद को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं.

इस साल देश में मॉनसून की बारिश एक दशक से भी ज्यादा समय के सबसे कमजोर स्तर पर रही. जून से सितंबर के बीच होने वाली मॉनसून बारिश देश की सालाना बारिश का करीब 70 फीसदी हिस्सा पूरी करती है. इस बार यह सामान्य से 12.6 फीसदी कम रही. कई इलाकों में बारिश असमान रही और लंबे समय तक सूखे जैसे हालात भी बने. इसका असर खरीफ फसलों, खेती के काम और किसानों के पैसे के प्रवाह पर पड़ सकता है. यही वजह है कि ग्रामीण परिवार गैर-जरूरी और बड़ी खरीदारी करने से बच रहे हैं.

सितंबर में ट्रैक्टरों की बिक्री पर सिर्फ बारिश का असर नहीं पड़ा. बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, डीलरों ने बताया कि इस साल त्योहारी मांग में भी देरी हुई. आमतौर पर त्योहारों के दौरान वाहन खरीदने को लेकर ग्रामीण इलाकों में अच्छी मांग रहती है, लेकिन इस बार त्योहारी सीजन का असर देर से दिखा. इससे ट्रैक्टर कंपनियों और डीलरों को बिक्री में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं मिल सकी.

डीलरों का कहना है कि, अगर वाहन कंपनियां आगे भी कीमतें बढ़ाती हैं तो टैक्स कटौती से मिली राहत का कुछ फायदा कम हो सकता है. इससे आने वाली तिमाही में मांग पर दबाव पड़ने की आशंका है. ट्रैक्टर बाजार के लिए भी आने वाले महीनों में मॉनसून के बाद की फसल, किसानों की आमदनी और ग्रामीण क्षेत्र में नकदी की स्थिति काफी अहम रहेगी. अगर किसानों की कमाई में सुधार आता है और त्योहारी मांग मजबूत होती है, तो ट्रैक्टर बिक्री में भी फिर से तेजी देखने को मिल सकती है.

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