एग्रीवेट: 30 अक्टूबर 2026, कुलगाम (जम्मू-कश्मीर): कुलगाम में धान छोड़कर सब्जी की ओर बढ़े किसान, पीक सीजन में रोजाना हजारों की कमाई – कुलगाम जिले के काजीगुंड इलाके में वानीगुंड गांव अब सब्जी उत्पादन के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां के किसान धीरे-धीरे धान की खेती छोड़कर खीरा, हरी मिर्च, बैंगन और दूसरी मौसमी सब्जियां उगाने लगे हैं, जिसमें महिला किसानों की दिलचस्पी खासतौर पर देखी जा रही है।
गांव की किसान फहमीदा बताती हैं कि पहले बड़े पैमाने पर धान की खेती होती थी, लेकिन अब सब्जी की खेती ज्यादा मुनाफे वाली है। उनका कहना है कि सब्जियों से न सिर्फ बेहतर रिटर्न मिलता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से ज्यादा स्थिर हुई है।
गांव के किसानों के मुताबिक अनुकूल मौसम, उपजाऊ जमीन और बाजार में बढ़ती मांग की वजह से यह बदलाव तेज हुआ है। इलाके में सीजन के दौरान 50 से 60 क्विंटल तक सब्जी का उत्पादन हो रहा है।
स्थानीय किसानों के अनुसार पीक सीजन में कुछ किसान रोजाना सात से आठ हजार रुपये तक की कमाई कर ले रहे हैं। इस बदलाव से गांव में खासतौर पर महिलाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी बने हैं।
गांव वालों ने संबंधित विभागों से बेहतर सिंचाई सुविधा, गुणवत्तापूर्ण बीज और मार्केटिंग सहायता की मांग की है, ताकि ज्यादा किसान इस बदलाव का फायदा उठा सकें। उनका कहना है कि इन सुविधाओं से उत्पादन और आय दोनों में आगे और बढ़ोतरी हो सकती है।
कश्मीर में परंपरागत रूप से धान एक मुख्य फसल रही है, इसलिए किसानों का सब्जी की ओर यह रुख राज्य की खेती में बदलते रुझान को दिखाता है। बेहतर दाम और स्थिर मांग मिलने पर आसपास के दूसरे गांवों के किसान भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।