VB-G RAM G: योजना से जुड़ी परेशानी अब नहीं रहेगी लंबित! 15 दिन में होगा शिकायत का समाधान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: VB G RAM G Yojana: ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी VB-G RAM G योजना के तहत अगर किसी ग्रामीण को कोई परेशानी होती है, तो अब उसकी शिकायत को लंबे समय तक लटकाया नहीं जा सकेगा. केंद्र सरकार ने शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए समयसीमा तय कर दी है. नए नियमों के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सात कार्यदिवस के अंदर उसकी जांच पूरी करनी होगी और 15 दिनों के भीतर उसका समाधान करना जरूरी होगा.

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसके लिए VB-G RAM G शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं. सरकार का कहना है कि, इन नियमों से योजना के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और ग्रामीणों को अपनी परेशानी बताने के लिए एक तय व्यवस्था मिलेगी.

नए नियमों के तहत ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी. इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे शिकायत लें, उसका रजिस्ट्रेशन करें, मामले की जांच करवाएं और तय समय में समाधान करें. जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक इस पूरी व्यवस्था पर नजर रखेंगे. वे देखेंगे कि, शिकायतों पर सही तरीके से और समय पर कार्रवाई हो रही है या नहीं.

योजना से जुड़ी किसी भी परेशानी को लेकर कोई भी व्यक्ति शिकायत कर सकता है. इसके लिए चार तरीके दिए गए हैं.

अगर कोई शिकायत कागज पर मिलती है, तो अधिकारी को उसी दिन उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा. ऐसा नहीं हो पाने पर अगले कार्यदिवस तक पंजीकरण करना जरूरी होगा. शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को एक पावती भी दी जाएगी. इसमें शिकायत नंबर, मिलने की तारीख और संबंधित अधिकारी का पद लिखा होगा.

नए नियमों में ग्रामीणों के लिए एक राहत की बात भी रखी गई है. किसी शिकायत को सिर्फ इसलिए दर्ज करने से मना नहीं किया जा सकेगा कि वह तय फॉर्मेट में नहीं है या किसी दूसरी भाषा में लिखी गई है. शिकायत जमा करने के तरीके में कोई प्रक्रियागत कमी होने पर भी उसका पंजीकरण नहीं रोका जा सकेगा.

शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी को उसकी जांच शुरू करनी होगी. जरूरत पड़ने पर वे विभागों और कर्मचारियों से रजिस्टर, दस्तावेज, रिपोर्ट या डिजिटल रिकॉर्ड मांग सकते हैं. शिकायत करने वाले व्यक्ति को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा. वह खुद अधिकारी के सामने या ऑनलाइन माध्यम से अपनी बात बता सकता है.

नियमों में दो अहम समयसीमाएं तय की गई हैं. शिकायत की जांच सात कार्यदिवस में पूरी करनी होगी और शिकायत मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर उसका समाधान करना होगा. जांच के बाद अधिकारी को अपनी रिपोर्ट तैयार करनी होगी और की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को देनी होगी.

अगर 15 दिनों में शिकायत का निपटारा नहीं होता है, तो उसे शिकायत निवारण व्यवस्था के अगले उच्च स्तर पर भेज दिया जाएगा. वहां के अधिकारी मामले को देखेंगे और जरूरी कार्रवाई करेंगे. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिकायत की स्थिति, जांच और कार्रवाई का पूरा ब्योरा दर्ज रहेगा. शिकायत का समाधान होने तक उसकी निगरानी जारी रहेगी.

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