एग्रीवेट: Rabi Season 2026: देशभर में खरीफ फसलों की कटाई चल रही है और अब किसान रबी की बुवाई में लग गए हैं. ऐसे में खाद, बीज और मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2 नवंबर को कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर खेती-किसानी से जुड़े कई मुद्दों की समीक्षा की. उन्होंने साफ कहा कि, किसानों को खाद और अच्छे बीज की कमी नहीं होनी चाहिए. वहीं, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने में भी किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए.
बैठक में बताया गया कि, देश के कई हिस्सों में खरीफ फसलों की कटाई चल रही है. मूंग और सोयाबीन की कटाई अब अंतिम दौर में है. इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि, किसान कटाई के बाद खेतों में बची नमी का फायदा उठाकर जल्द से जल्द रबी फसलों की बुवाई शुरू करें. उन्होंने खास तौर पर उन इलाकों के किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, जहां सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है. ऐसे क्षेत्रों में चना, सरसों, मसूर और मोटे अनाज की खेती फायदेमंद हो सकती है. इसके अलावा किसानों तक ऐसे उन्नत बीज पहुंचाने पर भी जोर दिया गया, जो ज्यादा तापमान और मौसम में बदलाव का सामना कर सकें.
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रबी की बुवाई के समय किसानों को यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीके जैसे खाद की जरूरत होती है. बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस सीजन के लिए इन सभी जरूरी खादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. प्रमाणित बीजों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद और बीज की सप्लाई केवल बड़े गोदामों तक सीमित न रहे, बल्कि जिला स्तर तक समय पर पहुंचे. इसके लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाए, ताकि बुवाई के वक्त किसानों को खाद या बीज के लिए भटकना न पड़े.
बैठक में मंडियों में फसलों के भाव की भी जानकारी ली गई. अधिकारियों के मुताबिक, धान, गेहूं, मक्का, चना, मसूर, अरहर, सोयाबीन और सरसों जैसी कई फसलों के दाम फिलहाल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर चल रहे हैं. इससे किसानों को अपनी उपज बेचने पर बेहतर कीमत मिलने की स्थिति बनी हुई है.
देश के कुछ हिस्सों में ज्यादा बारिश और बाढ़ से फसलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में सूखे की स्थिति से किसान परेशान हैं. इस पर शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि, प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने में देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिए कि, एनडीआरएफ के तहत फसल नुकसान का आकलन जल्द किया जाए. साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के लंबित दावों का भुगतान भी प्राथमिकता से कराया जाए, ताकि नुकसान झेल रहे किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल सके.
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मुश्किल समय में किसानों के साथ खड़ी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आने वाले दिनों में चक्रवाती बारिश से मिलने वाली नमी का इस्तेमाल भी रबी फसलों की बुवाई के लिए किया जाए. इसके लिए जरूरत के हिसाब से पहले से योजना तैयार रखी जाए.