एग्रीवेट: पंजाब के कृषि मंत्री सरदार गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि राज्य के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर बकाया भुगतान की 31 करोड़ से ज्यादा राशि अगले सप्ताह तक जारी कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की बढ़ी लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य बढ़ाने की घोषणा भी जल्द की जाएगी. किसान मजदूर मोर्चा के साथ चंडीगढ़ में हुई बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि आंदोलन करने वाले किसानों पर दर्ज मुकदमे 15 अक्टूबर से पहले रद्द कर दिए जाएंगे.
किसान मजदूर मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल की बैठक गुरुवार शाम को चंडीगढ़ के पंजाब भवन में पंजाब के कृषि मंत्री सरदार गुरमीत सिंह खुड्डियां के साथ हुई. बैठक में किसान नेता सरवन सिंह पंढेर समेत अन्य किसानों ने 23 सूत्रीय मांग पत्र कृषि मंत्री को सौंपा. इन बिंदुओं पर कृषि मंत्री ने चर्चा की और 15 अक्टूबर से पहले मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया.
गन्ना मिलों के बकाये और गन्ने के मूल्य के संबंध में मंत्री ने कहा कि पंजाब में गन्ने का रेट अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर होगा और जल्द ही इसकी खुशखबरी सुनाई जाएगी. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि फगवाड़ा मिल के 28 करोड़ रुपये और बाकी मिलों के लगभग 3 करोड़ 65 लाख रुपये अगले सप्ताह हर हाल में जारी कर दिए जाएंगे. पंजाब के गन्ना किसानों 31 करोड़ से ज्यादा बकाया विभिन्न गन्ना मिलों पर है.
सहकारिता विभाग के मामले पर बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि नई सहकारी समितियों के पंजीकरण पर कोई रोक नहीं है और वे हर हाल में पंजीकृत की जाएंगी. इसके साथ ही सरकारी बैंकों और सरकारी सोसायटियों के कर्ज को बाकी बैंकों की तर्ज पर एकमुश्त कर्ज मुक्ति योजना के तहत हल किया जाएगा.
किसान आंदोलन के दौरान दर्ज हुए आपराधिक मामलों, रेलवे विभाग के मामलों और पराली प्रदूषण के मामलों के संबंध में कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि 15 अक्टूबर 2026 तक सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे.
कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार आत्महत्या करने वाले किसानों के सभी मुद्दों को 15 अक्टूबर 2026 से पहले हल करेगी. इस संबंध में 2017 की नीति को आधार बनाकर नीति के तहत जारी फंड उपलब्ध कराए जाएंगे.
शंभू-खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान का निपटारा जल्द किया जाएगा. आंदोलन के दौरान घायल और दिव्यांग हुए किसानों की रिपोर्ट लेकर जल्द मुआवजे का फैसला होगा.
आंदोलन के दौरान शहीद हुए व्यक्तियों के परिवारों को दिल्ली किसान आंदोलन-1 की तर्ज पर मुआवजा और नौकरियां दी जाएंगी.
बाकी 23 सूत्रीय मांग पत्र पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ. बिजली के स्मार्ट मीटर, नेशनल हाईवे के बकाये और पराली प्रदूषण कानूनों के संबंध में आने वाले दिनों में दोबारा बैठक बुलाकर हर मुद्दा हल करने का आश्वासन दिया गया. किसान मजदूर मोर्चा ने कहा कि यदि सरकार उपरोक्त मांगों पर व्यावहारिक रूप से कार्रवाई करती है तो यह किसान आंदोलन की एक बड़ी जीत होगी.