यूपी में किसानों को जमीनी विवाद से मिली बड़ी राहत, योगी सरकार ने पेश किया पिछले 8 वर्षों का आंकड़ा – एग्रीवेट

Team Agrivate
5 Min Read

एग्रीवेट: योगी आदित्यनाथ सरकार में उत्तर प्रदेश में चकबंदी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है. चकबंदी निदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2025 तक चकबंदी प्रक्रिया पूरी करने वाले गांवों की संख्या में बड़े स्तर पर वृद्धि हुई है. साथ ही चकबंदी न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण और वादों के निस्तारण में भी प्रगति दर्ज की गई है. इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों की भूमि से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करना और राजस्व अभिलेखों को समय से संबंधित तहसीलों तक पहुंचाना है.

चकबंदी निदेशालय के मुताबिक वर्ष 2017 में प्रदेश के 1,925 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी हुई थी. वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 3,192 गांव हो गई. इन गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी कर अभिलेख संबंधित तहसीलों को वापस किए गए. इससे भूमि संबंधी अभिलेखों को व्यवस्थित करने और किसानों से जुड़े राजस्व कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है.

चकबंदी न्यायालयों में वादों के निस्तारण के मामले में भी प्रगति हुई है. वर्ष 2017 में 12.55 लाख से अधिक वादों के निस्तारण की स्थिति थी, जबकि वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 21.12 लाख से अधिक हो गई. निदेशालय के मुताबिक, विगत आठ वर्षों में कुल 21 लाख 12 हजार 784 वादों का निस्तारण किया गया. भूमि विवादों के समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

चकबंदी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के लिए न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया. वर्ष 2017 में इस मद में स्थिति शून्य थी, जबकि वर्ष 2025 तक 531 न्यायालयों का कंप्यूटरीकरण किया गया. इसमें उप संचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी और चकबंदी अधिकारी के न्यायालयों के साथ 180 सहायक चकबंदी अधिकारी न्यायालय भी शामिल हैं. इससे न्यायालय संबंधी कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में मदद मिली है.

बता दें कि चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत विगत आठ वर्षों में कुल 1,302 नए गांवों को शामिल किया गया. वर्ष 2017 में इस श्रेणी में 2,468 गांवों की स्थिति दर्ज थी, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 1,302 रही. विभागीय आंकड़ों में इसे आठ वर्षों के दौरान चकबंदी क्रियाओं में शामिल किए गए गांवों के रूप में दर्शाया गया है.

यूपी में अगले 48 घंटे के भीतर तेज बारिश की चेतावनी, बढ़ेगी ठंड! जानें 26 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

पारंपरिक बीजों के रखवाले हैं पद्मश्री नेक राम शर्मा, किसानों को सिखा रहे प्राकृतिक खेती

Share This Article