एग्रीवेट: 14 अक्टूबर 2026, भोपाल: भारतीय किसान संघ ने मध्यप्रदेश सरकार को दी चेतावनी – भारतीय किसान संघ ने बिजली, खाद-बीज, सिंचाई, समर्थन मूल्य पर खरीदी और फसल नुकसान के मुआवजे सहित किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को दशहरे तक का अल्टीमेटम दिया है। प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सिंह आंजना ने चेतावनी दी कि मांगों पर 15 दिन में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मध्यप्रदेश में बिजली कटौती, खाद के लिए परेशानी, मंडियों की अव्यवस्था और बारिश की मार से जूझ रहे किसानों के मुद्दे पर भारतीय किसान संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष श्री आंजना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों से जुड़ी व्यवस्थाएं पटरी से उतर रही हैं, लेकिन सरकार समस्याओं का समय पर समाधान नहीं कर रही है।भारतीय किसान संघ ने बिजली, खाद, बीज, सिंचाई के लिए पानी, समर्थन मूल्य पर खरीदी और फसल बीमा को प्रमुख मांगों में शामिल किया है।
किसान संघ ने बिजली कटौती को लेकर सरकार को घेरा । श्री कमल सिंह ने कहा कि पिछले दिनों में सिंचाई के लिए बिजली की समस्या ज्यादा बढ़ी है। किसानों ने खेतों में मोटरें चालू कीं तो बिजली की उपलब्धता का संकट सामने आने लगा। उनका सवाल है कि जब खेती का सीजन आने वाला था, तब सरकार ने बिजली की पर्याप्त व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की? संघ ने सिंचाई के लिए प्रतिदिन 12 घंटे बिजली देने की मांग की है।
भावांतर योजना को लेकर भी किसान संघ ने सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था होनी चाहिए। केवल भावांतर योजना के भरोसे किसानों को राहत नहीं दी जा सकती। कमल सिंह ने धान को लेकर भी सवाल किया कि सरकार भावांतर के जरिए किसानों को किस तरह राहत देगी।
कमल सिंह ने कहा कि ई-टोकन प्रणाली और सरकारी पोर्टल किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। पंजीयन में दिक्कतों के चलते किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। संघ ने मांग की कि खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ वितरण व्यवस्था को सरल बनाया जाए। किसान संघ ने बीज की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया।
प्रदेश में बारिश की असमान स्थिति ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसान संघ के मुताबिक, कुछ जिलों में अत्यधिक बारिश से मूंग, उड़द, मक्का और मूंगफली की फसलों को नुकसान हुआ है, जबकि कम बारिश वाले क्षेत्रों में बोवनी और खेती प्रभावित हुई है। संघ ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन कर तत्काल राहत और मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, कम बारिश वाले इलाकों के लिए सरकार से अलग कार्ययोजना बनाने को कहा है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ बैठकर इन मुद्दों पर चर्चा करने और समाधान निकालने की मांग की। इस अवसर पर संघ के मालवा प्रान्त अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण पटेल ,प्रदेश महामंत्री श्री चंद्रकांत गौर एव मध्य भारत प्रान्त अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान भी उपस्थित थे .