किसानों के लिए बड़ी राहत! छुट्टियों में भी खुलेंगी MP की मंडियां, बिकेगी सोयाबीन-मक्का – एग्रीवेट

Team Agrivate
6 Min Read

एग्रीवेट: Madhya Pradesh Mandi: मध्य प्रदेश के किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों की छुट्टियां खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कृषि मंडियों को छुट्टियों के दिन भी खुला रखने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में सोयाबीन और मक्का की खरीद-बिक्री सामान्य दिनों की तरह जारी रखी जाए. इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसल तैयार है और वे जल्द से जल्द उसे मंडी में बेचना चाहते हैं.

मध्य प्रदेश की कई कृषि मंडियों  में इन दिनों सोयाबीन और मक्का की भारी आवक हो रही है. बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं. ऐसे में छुट्टियों के दौरान मंडियां बंद रहने से किसानों को फसल बेचने के लिए अगले कार्य दिवस तक इंतजार करना पड़ सकता है. इससे मंडियों में उपज की भीड़ बढ़ने के साथ किसानों का समय भी बर्बाद होता है. इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने छुट्टियों के दिन भी मंडियों में कामकाज जारी रखने के निर्देश दिए हैं. इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा और फसल की बिक्री में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंडी बोर्ड के सभी संयुक्त निदेशकों को छुट्टियों के दिन भी मंडियां खुली रखने के लिए कहा गया है. मंडी परिसरों के साथ-साथ उप-मंडी परिसरों में भी कृषि उपज की खरीद  और बिक्री का काम सामान्य रूप से जारी रहेगा. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि छुट्टियों के दौरान किसानों को मंडियों में किसी तरह की परेशानी न हो. इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने और मंडियों में कामकाज सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं.

छुट्टियों में मंडियां खुली  रखने के साथ ही सरकार ने लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है. अधिकारियों को व्यापारियों के साथ बैठक और चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छुट्टियों के दिन भी वे मंडियों में मौजूद रहें. दरअसल, मंडियां खुली रहने के बावजूद अगर व्यापारी खरीद के लिए उपलब्ध नहीं होते हैं, तो किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी हो सकती है. इसलिए सरकार चाहती है कि खरीद-बिक्री की पूरी प्रक्रिया बिना रुकावट चलती रहे.

सरकार के इस फैसले से सोयाबीन और मक्का उत्पादक  किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. मंडियां खुली रहने से किसान छुट्टियों में भी अपनी उपज बेच सकेंगे और उन्हें बिक्री के लिए अतिरिक्त इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इससे मंडियों में फसलों की भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सुविधा, उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना और उनके हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. सरकार का प्रयास है कि किसान आसानी से अपनी उपज बेच सकें और उन्हें उसका भुगतान जल्द मिल सके.

Share This Article