एग्रीवेट: बरसात समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन सब्जियों की कीमत में गिरावट शुरू नहीं हुई है. दिल्ली, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्यों में सब्जियां महंगी बिक रही हैं. इससे आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है. खास बात यह है कि प्याज से भी ज्यादा महंगा नींबू बिक रहा है. इसके रेट में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. फिलहाल पंजाब के लुधियाना में नींबू 300 से 320 रुपये किलो बिक रहा है. हालांकि, पहले इसका रेट 60 से 70 रुपये किलो था. यानी भाव में करीब 377 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा शहर में प्याज और लहसुन के दाम भी बढ़े हैं. जबकि व्यापारियों का कहना है कि सप्लाई में कमी आने की वजह से नींबू महंगा हो गया है. अगर प्याज की बात करे तो थोक बाजार में करीब 75 रुपये किलो बिक रहा है. वहीं, मटर 200 रुपये किलो और लहसुन की कीमत करीब 270 रुपये है. दांडी स्वामी चौक के सब्जी विक्रेता गुरमीत सिंह ने द ट्रिब्यून से कहा कि बाजार में नींबू की सप्लाई कम हो गई है. इसी वजह से इसके दाम में तेज बढ़ोतरी हुई है. कारोबारियों के मुताबिक, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख नींबू उत्पादक राज्यों में इस साल उत्पादन कम हुआ है. खराब मौसम के कारण इन राज्यों में नींबू का उत्पादन 40 फीसदी तक घटने की बात कही जा रही है. इससे सप्लाई कम हुई और कीमतों में तेजी आई. किसान यूनियन नेता रघबीर सिंह बेनीपाल ने कहा कि राज्य में नींबू की बड़े स्तर पर व्यावसायिक खेती नहीं होती है. उन्होंने कहा कि यहां नींबू की सप्लाई मुख्य रूप से दक्षिणी राज्यों से होती है. इसलिए वहां का मौसम नींबू की कीमतों पर सीधा असर डालता है. इसके अलावा मांग और सप्लाई भी नींबू के भाव तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं. नींबू के दाम बढ़ने के बाद कई रेस्टोरेंट और होटल संचालकों ने ताजे नींबू की जगह लेमन पाउडर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि लेमन पाउडर सस्ता पड़ता है और इसका स्वाद भी काफी हद तक नींबू जैसा होता है. फिरोजपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट के मैनेजर ने कहा कि पार्टियों और अन्य आयोजनों में अब लेमन पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं, सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक, महंगे दाम के कारण आम लोगों ने नींबू खरीदना कम कर दिया है. हालांकि, कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में नींबू की कीमतों में कुछ कमी आ सकती है. सब्जी विक्रेता रम्या प्रसाद ने कहा कि ज्यादा कीमत होने के कारण आम घरों में नींबू की खरीदारी काफी घट गई है.