एग्रीवेट: हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान खरीद की तैयारी शुरू हो गई है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने किसानों के रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया है. किसान अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार खरीद का टोकन भी बुक कर सकते हैं. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग के निदेशक कुमुद सिंह ने कहा है कि राज्य में धान की सरकारी खरीद 3 अक्टूबर से शुरू होकर 15 दिसंबर तक चलेगी. किसानों को खरीद के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
धान खरीद के लिए कांगड़ा, सोलन, ऊना और सिरमौर जिलों में कुल 11 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर किसानों से धान की खरीद की जाएगी. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान बेचने से पहले HP APP पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें. इसके बाद टोकन सुविधा के जरिए खरीद की तारीख और समय तय कर सकते हैं. इससे किसानों को मंडी में अनावश्यक इंतजार से बचने में मदद मिलेगी.
AgriStack से किसानों को रजिस्ट्रेशन में सुविधा
इस साल AgriStack Farmer Registry में रजिस्टर्ड किसानों को धान खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन में अतिरिक्त सुविधा दी गई है. इसके तहत किसानों की व्यक्तिगत जानकारी और जमीन से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन Farmer Registry से अपने आप मिल जाएगी. इससे किसानों को जमीन के रिकॉर्ड की अलग से जांच कराने के लिए पटवारी के पास जाने की जरूरत नहीं होगी. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हो जाएगी. हालांकि, किसानों को अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी खुद दर्ज करनी होगी. विभाग की निदेशक कुमुद सिंह ने कहा कि बैंक से जुड़ी जानकारी भरने की प्रक्रिया पहले की तरह ही रहेगी.
पटवारी ऑनलाइन जांचेंगे जमीन का रिकॉर्ड
हिमाचल प्रदेश में AgriStack के तहत रजिस्टर्ड नहीं होने वाले किसान भी धान खरीद के लिए HP APP पोर्टल के जरिए सीधे रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके लिए किसानों को जरूरी सभी जानकारी ऑनलाइन देनी होगी. ऐसे किसानों के जमीन के रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच पटवारी करेंगे. वहीं, फसल से जुड़ी जानकारी संबंधित कृषि विभाग के अधिकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे. इससे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान सरकारी खरीद केंद्र पर धान बेच सकेंगे.
हिमाचल में 3 अक्टूबर से धान खरीद
केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. यह पिछले साल के MSP से 72 रुपये ज्यादा है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की निदेशक कुमुद सिंह ने कांगड़ा, सोलन, ऊना और सिरमौर के किसानों से अपनी धान की फसल निर्धारित खरीद केंद्रों पर लाने की अपील की है. उन्होंने किसानों से सरकार की ओर से तय MSP का लाभ उठाने को कहा. सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे गांव-गांव तक MSP की जानकारी पहुंचाएं. साथ ही किसानों को सरकारी खरीद एजेंसियों के जरिए तय समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जागरूक करें.