कर्नाटक: सूखा प्रभावित किसानों को मिलेगी 2500 रुपये की तत्काल राहत, 45-50 लाख किसानों को फायदा – एग्रीवेट

Team Agrivate
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कर्नाटक: सूखा प्रभावित किसानों को मिलेगी 2500 रुपये की तत्काल राहत, 45-50 लाख किसानों को फायदा - एग्रीवेट - कर्नाटक: सूखा प्रभावित

एग्रीवेट: 29 सितंबर 2026, बेंगलुरु: कर्नाटक: सूखा प्रभावित किसानों को मिलेगी 2500 रुपये की तत्काल राहत, 45-50 लाख किसानों को फायदा – कर्नाटक सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत के तौर पर प्रति किसान 2500 रुपये की इनपुट सब्सिडी देने का ऐलान किया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने पिछले हफ्ते विधानसभा में यह एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ।

इस पहले चरण के तहत कुल 1250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे अनुमानित 45 से 50 लाख किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, “हालांकि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता का इंतजार है, लेकिन किसानों की परेशानी को देखते हुए हमारी सरकार तत्काल राहत प्रदान कर रही है।”

राज्य सरकार के मुताबिक कर्नाटक में सूखे से फसलों को कुल मिलाकर 40 हज़ार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। आगे की अतिरिक्त सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के दिशा-निर्देशों के तहत केंद्र सरकार से मिलने वाली मदद पर निर्भर करेगी।

किसान संगठनों ने इस राहत राशि को नाकाफी बताया है। उनकी मांग है कि सरकार प्रति एकड़ कम से कम 25 हज़ार रुपये मुआवजा दे और किसानों का कर्ज माफ करे। राज्य सरकार का कहना है कि यह सिर्फ पहला चरण है और केंद्र से मदद मिलने के बाद आगे और सहायता दी जाएगी।

यह 2500 रुपये की राशि “तत्काल राहत” के तौर पर दी जा रही है, जबकि सूखे से हुए कुल नुकसान का विस्तृत आकलन और उसके आधार पर आगे की बड़ी मुआवजा राशि तय करने की प्रक्रिया अभी अलग से चल रही है। किसान संगठनों ने साफ किया है कि वे इस राशि को सिर्फ शुरुआती राहत मान रहे हैं, और उनकी नज़र आगे मिलने वाली अतिरिक्त सहायता पर टिकी है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह राशि किन विशिष्ट सूखा-घोषित क्षेत्रों के किसानों तक पहुंचेगी और वितरण की क्या समय-सीमा रहेगी। इस बारे में जल्द ही राज्य कृषि विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने की उम्मीद है। आमतौर पर ऐसी इनपुट सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के ज़रिए भेजी जाती है, जिसके लिए किसान का खाता आधार से जुड़ा और भू-अभिलेखों में दर्ज होना ज़रूरी होता है।

कर्नाटक इस साल देश के उन राज्यों में शामिल है जहां सूखे का असर गंभीर माना जा रहा है। राज्य के कई जिलों में कम बारिश के चलते खरीफ फसलों की पैदावार पर बुरा असर पड़ा है, जिसके बाद राज्य सरकार पर केंद्र से जल्द आपदा राहत मंज़ूर कराने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

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