अल नीनो से निपटने की तैयारी में आंध्र सरकार, मुख्यमंत्री नायडू ने वैकल्पिक फसलों की खेती पर दिया जोर – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को बारिश से आए पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस पानी को जलाशयों, तालाबों और छोटे जल स्रोतों में जमा किया जाए, ताकि पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सके. मुख्यमंत्री कहा कि अल नीनो जैसी जलवायु परिस्थितियों को बदला नहीं जा सकता, लेकिन राज्य में बेहतर तैयारी करके इसके असर को कम किया जा सकता है. उन्होंने इसके लिए मिट्टी की सेहत सुधारने और किसानों को वैकल्पिक फसलों की सलाह देने पर जोर दिया. नायडू ने कहा कि अल नीनो के असर का पहले से अनुमान लगाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. इसके आधार पर कृषि विभाग को किसानों के लिए जरूरी सलाह जारी करनी चाहिए, ताकि मौसम में बदलाव का खेती पर कम असर पड़े.

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने डीप डिप्रेशन के बाद पिछले तीन दिनों से हुई बारिश के कारण राज्य में भूजल स्तर में कुछ सुधार हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक, मुनेरू और आसपास के कैचमेंट इलाकों से करीब 11,000 क्यूसेक पानी प्रकाशम बैराज में पहुंच रहा है. वहीं, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को खेती पर अल नीनो के संभावित असर का पहले से अनुमान लगाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल  करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मौसम और बारिश से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर किसानों पर पड़ने वाले असर को कम करने की तैयारी की जाए.

नायडू ने अधिकारियों को गोदावरी नदी में आ रहे पानी का इस्तेमाल येलरू जलाशय को भरने के लिए करने को कहा. उन्होंने जलाशय में 24 टीएमसी पानी भरने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलावरम लेफ्ट मेन कैनाल के जरिए अनकापल्ली तक के जलाशयों और अन्य जल स्रोतों में भी पानी पहुंचाया जाए. इसका मकसद बारिश के पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना है.

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राज्य के 16 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है. विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, विजयनगरम, श्रीकाकुलम, पार्वतीपुरम मान्यम, काकीनाडा और पुराने पूर्वी व पश्चिमी गोदावरी समेत कृष्णा जिले में बारिश का ज्यादा असर देखा गया है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में बारिश, तेज हवाओं और नदियों-नालों में बढ़ते जलस्तर की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को लगातार हालात पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर पहले से सावधानी बरतने के निर्देश दिए, ताकि बारिश से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.

मुख्यमंत्री ने जलाशयों में पानी की आवक और आने वाले दिनों के बारिश के पूर्वानुमान की भी जानकारी ली. सरकार का अनुमान है कि लगातार बारिश के कारण गोदावरी बेसिन के कई जलाशयों में पानी की आवक बढ़ सकती है. इनमें साबरी, इंद्रावती, येलरू, तांडवा, येर्राकलवा, पांपा और मेघाद्रिगेड्डा शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, येलरू जलाशय में पानी की आवक 21,200 से 26,500 क्यूसेक, तांडवा में 6,000 से 7,500 क्यूसेक, मेघाद्रिगेड्डा में 2,400 से 3,000 क्यूसेक और पांपा में 3,100 से 3,875 क्यूसेक तक पहुंच सकती है.

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर तटीय आंध्र के जलाशयों में भी आने वाले दिनों में पानी की आवक तेजी से बढ़ सकती है. बारिश के कारण नागावली और वंशधारा नदी बेसिन में भी पानी का प्रवाह बढ़ने की संभावना है. गोट्टा बैराज में शुक्रवार सुबह तक चेतावनी स्तर-1 तक पानी पहुंचने की आशंका जताई गई है. अधिकारियों के मुताबिक, भद्राचलम में शनिवार दोपहर तक चेतावनी स्तर-1 पहुंचने की संभावना है. इसके बाद शनिवार रात तक यहां चेतावनी स्तर-2 तक पानी पहुंच सकता है. वहीं, डॉवलेश्वरम बैराज में रविवार सुबह तक चेतावनी स्तर-1 और रविवार शाम तक चेतावनी स्तर-2 पहुंचने का अनुमान है. अधिकारियों ने बताया कि साबरी नदी पर कुंथा में शनिवार सुबह तक चेतावनी स्तर तक पानी पहुंच सकता है.

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