एग्रीवेट: Maharashtra Farmers News: महाराष्ट्र सरकार ने 34 जिलों के 358 में से 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया कर दिया है. इन जिलों के किसानों को अक्तूबर में राहत राशि जारी करने का वादा उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया है. उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा राशि दी जाएगी. इसके लिए जीपीएस-मैपिंग, सैटेलाइट डाटा और फिजिकल मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जबकि, किसानों को त्वरित राहत के क्रम में फसल कर्ज वसूली पर रोक लगा दी गई है. बिजली बिल राहत के साथ ही पशुओं के लिए चारा और पेयजल की व्यवस्था शुरू कर दी गई है. वहीं, कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने पुणे, अहिल्यानगर और नाशिक समेत कई जिलों में सूखा प्रभावित इलाकों में खेतों में जाकर फसलों को देखा.
महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 तालुकों में से 265 को सूखा प्रभावित घोषित किया है. एक सरकारी प्रस्ताव के अनुसार राज्य का 74 फीसदी हिस्सा सूखा प्रभावित क्षेत्र में आ गया है. राज्य के 34 जिलों में सूखा संकट माना गया है. यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राज्य के विदर्भ के कुछ जिलों के सूखा-प्रभावित इलाकों के हालिया दौरे के बाद लिया गया है. उनके दौरे पर नाराज किसानों ने वाशिम में नारेबाजी भी की थी और उन्हें सूखी फसलों के पौधे भी सौंपे थे.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि हम किसानों से मिले, उनके खेतों में गए और सूखी फसलों को देखा. इसके बाद मुख्यमंत्री से बात की, जिस पर किसानों की मांग पर 34 जिलों के 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से त्वरित मदद की शुरूआत कर दी गई है. पशुओं के लिए चारा और पेयजल की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो किसानों से वादा किया है उसे हम पूरा कर रहे हैं, हमारी सरकार किसानों की मुश्किल में उनके साथ खड़ी है.
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि जीपीएस तकनीक और सैटेलाइट मैपिंग के जरिए खेतों में नुकसान का आकलन कराया जा रहा है. जबकि, कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव और खेत-खेत भेजकर सर्वे रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है. हर किसान को उसके नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि जारी की जाएगी. उन्होंने कहा कि पिछली बार भी हमने विपरीत मौसम से प्रभावित किसानों की दीवाली काली नहीं होने दी थी. इस बार भी दीवाली काली नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि अक्तूबर में किसानों को मुआवजा और राहत राशि जारी कर दी जाएगी.
सूखाग्रस्त इलाकों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने त्वरित राहत योजना लागू कर दी है. इसके तहत किसानों से खेती संबंधी कर्ज की वसूली पर भी रोक लगा दी गई है. जबकि, फसल कर्ज का पुनर्गठन करने का निर्देश सहकारी समितियों और संबंधित बैंको को दिया गया है. वहीं, किसानों, ग्रामीणों को जमीन के राजस्व में छूट दी जा रही है. कृषि पंपों के बिजली बिल में भी राहत देने का फैसला हुआ है. 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है. अब इससे ज्यादा क्षमता वाले कृषि पंपों को भी बिजली बिल में छूट दी जाएगी. साथ ही सूखा घोषित गांवों में किसानों के कृषि पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा.