रबी सीजन में ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थिरता और निरंतरता को दें सर्वोच्च प्राथमिकता – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 30 सितंबर 2026, इंदौर: रबी सीजन में ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थिरता और निरंतरता को दें सर्वोच्च प्राथमिकता – मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के मुख्यालय जबलपुर में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय 23वीं त्रैमासिक रिव्यू बैठक में प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी ने निर्देश दिए कि फील्ड के अधिकारी आगामी रबी सीजन में बिजली की अनुमानित मांग को देखते हुए प्रदेश में 21,300 मेगावाट विद्युत मांग की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि रबी सीजन के दौरान ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थिरता और निरंतरता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में एमपी ट्रांसको के रबी सीजन एक्शन प्लान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

ट्रांसमिशन नेटवर्क की माइक्रो मॉनिटरिंग और त्वरित रिस्टोरेशन पर जोर –   प्रबंध संचालक ने फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइनों और सब स्टेशनों की माइक्रो मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी विषम परिस्थिति में ट्रांसमिशन नेटवर्क के रिस्टोरेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने ट्रांसमिशन लाइनों, उनमें होने वाली ट्रिपिंग, सब स्टेशनों के पोस्ट मानसून मेंटेनेंस कार्यों की प्रगति तथा प्रदेश में संचालित विभिन्न ट्रांसमिशन निर्माण कार्यों की समीक्षा की। नई ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण में आ रही विभिन्न राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) समस्याओं एवं अन्य चुनौतियों पर भी गंभीर मंत्रणा की गई।

ट्रांसमिशन मटेरियल की कमी के बीच मैटेरियल मैनेजमेंट बेहद जरूरी –    प्रबंध संचालक ने कहा कि वर्तमान समय में देशभर में ट्रांसमिशन सिस्टम से संबंधित मटेरियल की कमी बनी हुई है। ऐसी स्थिति में प्रदेश के सभी सब स्टेशनों एवं फील्ड कार्यालयों में उपलब्ध छोटे से छोटे सामान की भी समुचित अकाउंटिंग और प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके और राष्ट्र निर्माण में ट्रांसमिशन कंपनी अपना प्रभावी योगदान दे सके। उन्होंने शासन स्तर पर मॉनिटरिंग किए जा रहे कार्यों सहित सभी निर्माण कार्यों को उच्चतम गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

लोडिंग, कैपेसिटर बैंक और प्रशासनिक विषयों की समीक्षा –    रिव्यू मीटिंग में प्रबंध संचालक ने  प्रदेश भर के सब स्टेशन में स्थापित कैपेसिटर बैंकों की पूर्ण क्षमता के साथ संचालन उपलब्धता, ठेकेदारों के देयकों के भुगतान, उनकी सुरक्षा निधि समय पर लौटाने, ई-ऑफिस संचालन तथा ट्रांसको के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि को शासन को समर्पित करने जैसे विषयों की समीक्षा की। इसके साथ ही पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

ओवरलोडिंग रोकने और लोड डायवर्सन के निर्देश –   प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों की क्षमता तथा उन पर लोडिंग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी लाइन अथवा सबस्टेशन पर निर्धारित सीमा से अधिक लोड नहीं डाला जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन सब स्टेशनों में ओवरलोडिंग की स्थिति है, वहां लोड डाइवर्ट करने के लिए वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सिंहस्थ-2028 के निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा –   रिव्यू मीटिंग में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए एमपी ट्रांसको द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई। प्रबंध संचालक ने नए सबस्टेशनों, ट्रांसमिशन लाइनों तथा क्षमता वृद्धि के लिए स्थापित किए जाने वाले पावर ट्रांसफार्मरों के कार्यों की प्रगति और उनके लिए आवश्यक मटेरियल की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने पुनः निर्देश दिए कि सिंहस्थ-2028 से संबंधित एमपी ट्रांसको के सभी कार्य निर्धारित लक्ष्य से एक वर्ष पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि आयोजन के दौरान विश्वसनीय विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य के साथ करें मेंटेनेंस कार्य –   प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने निर्देश दिए कि फील्ड के अधिकारी जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूरी सतर्कता और सुरक्षा के साथ मेंटेनेंस कार्य संपादित कराएं। उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किए जाएं, ताकि मानव संसाधन और ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बैठक में मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षों सहित प्रदेशभर के फील्ड कार्यालयों से अधीक्षण अभियंता स्तर तक के अधिकारी उपस्थित रहे।

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