Cyclone Murasu: चक्रवाती तूफान ने मचाई तबाही, 15 जिलों में 30 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसलें बर्बाद – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Cyclone Murasu Impact: दक्षिण भारत के एक राज्य में आए भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तूफान और खराब मौसम के चलते 15 जिलों में 30 हजार हेक्टेयर से ज्यादा खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है. सबसे ज्यादा असर धान, कपास और मक्का की फसलों पर पड़ा है. कई इलाकों में फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. तूफान का असर इतना ज्यादा था कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के साथ बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान भी चलाना पड़ा.

सरकारी शुरुआती आकलन के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण 15 जिलों में करीब 30,661 एकड़ में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं. इनमें कृष्णा, बापटला और नंदयाल जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. अधिकारियों के मुताबिक, धान, कपास और मक्का की फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है.

खेतों में खड़ी फसल को नुकसान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. खासकर उन किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है, जिनकी फसल कटाई के लिए तैयार थी. हालांकि, अभी नुकसान का शुरुआती आकलन किया गया है. आगे की जांच के बाद नुकसान के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है.

तूफान मुरासु का असर 15 जिलों के 132 मंडलों में देखने को मिला. हालात को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था. करीब 10,805 लोगों को चक्रवात राहत केंद्रों में शिफ्ट किया गया. सरकार की ओर से लोगों की मदद के लिए 171 राहत शिविर बनाए गए. यहां जरूरतमंदों को खाने के लिए 14,810 फूड पैकेट बांटे गए. बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाएं बनाए रखने के लिए 613 जनरेटर का भी इंतजाम किया गया.

तूफान के बाद राहत और बचाव का काम तेज करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 11 और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 13 टीमें तैनात की गईं. इसके अलावा, अग्निशमन विभाग की 185 टीमों को भी मैदान में उतारा गया. इन टीमों का काम सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाना और जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों की मदद करना था.

प्रशासन ने तूफान के आने से पहले ही गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया. एहतियात के तौर पर 3,066 गर्भवती महिलाओं और 1,008 स्तनपान कराने वाली माताओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत इलाज मिल सके.

इसके अलावा, 13 जिलों में 725 मेडिकल टीमों को तैनात किया गया और 362 एंबुलेंस को तैयार रखा गया. प्रशासन की ओर से तूफान प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए भी इंतजाम किए गए.

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