एग्रीवेट: चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश में फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. लेकिन सबसे अधिक बर्बादी श्रीकाकुलम जिले में देखने को मिल रही है. 27 और 28 अक्टूबर को हुई तेज बारिश और बाढ़ से जिले में 12,974 हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं. शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के 516 गांवों के 31,007 किसान इस नुकसान से प्रभावित हुए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है. करीब 12,921 हेक्टेयर में लगी धान की फसल प्रभावित हुई है. इसके अलावा 3 हेक्टेयर में मूंग, 2 हेक्टेयर में उड़द और 47.85 हेक्टेयर में कपास की फसल को नुकसान पहुंचा है. जिले में इछापुरम मंडल में सबसे ज्यादा फसल बर्बाद हुई है. यहां 3,449 हेक्टेयर में फसल प्रभावित हुई है. इससे 28 गांवों के 7,723 किसान प्रभावित हुए हैं.
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आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में चक्रवात अर्नब के कारण कई मंडलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. शुरुआती आकलन के मुताबिक, कोटाबोम्माली मंडल में 1,580 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है. इसके बाद पथपट्टनम में 1,262 हेक्टेयर, टेक्काली में 1,249 हेक्टेयर और संथाबोम्माली में 1,036 हेक्टेयर में फसल बर्बाद हुई है. इसी तरह गंगुवारिसिगदम में 640 हेक्टेयर, एच्चेरला में 400 हेक्टेयर, नंदिगाम में 370 हेक्टेयर, पोलाकी में 307.7 हेक्टेयर और सोमपेटा में 397.9 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है.
शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, जिले में सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है. फसल को अलग-अलग चरणों में नुकसान पहुंचा है. इनमें बालियां निकलने, फूल आने, दाने बनने और फसल पकने से लेकर कटाई तक के चरण शामिल हैं. इस बीच, पलासा की विधायक गौथु सिरीशा ने गुरुवार को पलासा मंडल के बाढ़ प्रभावित अल्लुखोला और रेंटिकोटा गांवों का दौरा किया. उन्होंने जलमग्न खेतों और पानी से भरे रिहायशी इलाकों का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने प्रभावित किसानों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी ली.
वहीं, चक्रवात अर्नब के कारण विशाखापत्तनम में कई पेड़ गिर गए और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके चलते जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुईं. अब नगर निगम के कर्मचारी दिन-रात काम करके शहर में हालात सामान्य करने में जुटे हैं. कर्मचारी सड़कों से गिरे पेड़ और मलबा हटाने के साथ पेयजल आपूर्ति बहाल करने का काम कर रहे हैं. ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) के 10 जोन में कुल 1,192 पेड़ गिरने की सूचना मिली थी. गुरुवार शाम 6 बजे तक 1,057 पेड़ों की कटाई और उनकी शाखाएं हटाने का काम पूरा कर लिया गया था. इनमें से 902 पेड़ों को पूरी तरह हटा दिया गया था, जबकि 290 पेड़ अभी हटाए जाने बाकी थे. पेड़ गिरने से बंद हुई सभी 313 सड़कों को साफ कर दिया गया है और उन पर यातायात बहाल हो गया है. चक्रवात के कारण शहर की पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी. गुरुवार तक करीब 70 फीसदी शहर में पानी की सप्लाई बहाल कर दी गई थी. नगर निगम ने शुक्रवार तक पूरे शहर में पेयजल आपूर्ति सामान्य करने का लक्ष्य रखा है.