महाराष्ट्र में किसानों का अनोखा विरोध! मुख्यमंत्री को भेजे 5 हजार रुपये और पत्नी के लिए साड़ी – एग्रीवेट

Team Agrivate
6 Min Read

एग्रीवेट: महाराष्ट्र में एक ओर जहां दिवाली का उत्साह है, वहीं दूसरी ओर सूखे के साए में जी रहे बीड जिले के किसानों के सिर पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है. केज तालुका के वरपगांव के रहने वाले किसान विजयकुमार खंडारे ने सरकार की बेहद कम मदद और उदासीन नीतियों के खिलाफ एक अनोखा और गुस्से भरा सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है. खंडारे ने सीधे राज्य के मुख्यमंत्री को 5 हजार रुपये की मनीऑर्डर भेजी है और साथ ही उनकी पत्नी के लिए पोस्ट के जरिए साड़ी भेजकर प्रशासन की आंखें खोलने की कोशिश की है.

बीड जिले में इन दिनों भीषण सूखा पड़ा हुआ है. बारिश न होने के कारण खेतों में लहलहाती फसलें जलकर खाक हो गई हैं. ऐसे मुश्किल वक्त में राज्य सरकार ने किसानों को दिवाली मनाने के लिए 5 हजार रुपये की मदद देने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि थी. हालांकि, आसमान छूती महंगाई और फसलों के भारी नुकसान को देखते हुए यह मदद बेहद कम है, जिसे लेकर किसानों में भारी आक्रोश है. खास बात यह है कि यह घोषित मदद भी किसानों के खातों में नहीं पहुंची है. इसी बात से परेशान होकर बीड जिले के वरपगांव के किसान विजयकुमार खंदारे ने सरकार की इस मदद को किसानों के साथ क्रूर मजाक बताया और सीधे मुख्यमंत्री को 5 हजार रुपये की मनीऑर्डर और साड़ी भेज दी.

विजयकुमार खंडारे के पास 5 एकड़ जमीन है. इस साल उन्होंने बड़ी उम्मीदों के साथ 5 एकड़ में सोयाबीन की बुवाई की थी. हालांकि, बारिश न होने और तेज धूप के कारण उनकी पूरी सोयाबीन की फसल आंखों के सामने सूख गई. अब उनके लिए लागत निकालना भी असंभव हो गया है. किसान को बुवाई, जुताई, छिड़काव, कटाई और मड़ाई के लिए 20 हजार, खाद की 5 बोरियों का खर्च 7500 अन्य और कुल खर्च 40 हजार आया और उनको पाच एकड में पौने तीन क्विंटल सोयाबीन मिली, जिसकी कीमत 21 हजार रुपये है. 40 हजार रुपये खर्च करने के बाद हाथ में सिर्फ 21 हजार रुपये आने की वजह से खंदारे को सीधे 19 हजार रुपये का शुद्ध घाटा उठाना पड़ा है.

विजयकुमार खंदारे ने गुस्से में सवाल पूछते हुए कहा कि हम दिन-रात मेहनत करके मिट्टी में पसीना बहाते हैं, लेकिन हमारे हाथ में कुछ नहीं बचता. 5 एकड़ में 40 हजार रुपये खर्च करने के बाद अगर सिर्फ 21 हजार रुपये मिलेंगे, तो हम परिवार कैसे चलाएंगे सरकार द्वारा घोषित 5 हजार की मदद जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है. इन पैसों में दिवाली कैसे मनाई जा सकती है?. बीड जिले के इस अनोखे और आक्रामक विरोध प्रदर्शन की चर्चा पूरे राज्य में हो रही है. अब यह मांग जोर पकड़ने लगी है कि सूखाग्रस्त किसानों को तुरंत और पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए.

किसान खंदारे ने कहा कि आज हमने डाक के जरिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 5,000 रुपये का मनीऑर्डर भेजा है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस के लिए एक साड़ी भी भेजी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए 5,000 रुपये की आर्थिक मदद की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है, लेकिन इतनी रकम में किसान की दिवाली कैसे मनेगी? हमने मुख्यमंत्री को 5,000 रुपये भेजकर यह दिखाने की कोशिश की है कि इतनी कम राशि में दिवाली मनाना कितना मुश्किल है. किसान खंदारे ने सरकार से मांग की कि किसानों को दिवाली मनाने के लिए केवल 5,000 रुपये देने के बजाय पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे त्योहार मना सकें और अपनी जरूरतें पूरी कर सकें.

Share This Article