एग्रीवेट: Maharashtra Drought: महाराष्ट्र के कई इलाकों में सूखे के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. गांवों में पीने के पानी की कमी है, तो किसानों के सामने अपने पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करना भी चुनौती बन गया है. ऐसे मुश्किल समय में महाराष्ट्र के लातूर जिले से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक संभाजी पाटिल निलंगेकर ने मदद के लिए आगे आने का ऐलान किया है.
संभाजी पाटिल निलंगेकर ने सूखा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अपना एक साल का पूरा मानदेय देने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है. इस राशि का इस्तेमाल पानी के टैंकरों और पशुओं के चारे की व्यवस्था करने में किया जाएगा.
निलंगा विधानसभा सीट से विधायक संभाजी पाटिल निलंगेकर ने दशहरा के मौके पर एक वीडियो संदेश जारी कर यह एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि . उन्होंने कहा कि, सूखे की वजह से ग्रामीण इलाकों में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं. वहीं, किसानों के लिए अपने मवेशियों को खिलाने के लिए चारे का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है.
ऐसे में उन्होंने अपने एक साल का मानदेय सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए देने का फैसला किया है. इस पैसे से जरूरतमंद परिवारों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा पशु शिविरों में मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने पर भी राशि खर्च की जाएगी.
विधायक ने कहा कि सूखे की समस्या काफी गंभीर है और इससे निपटने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे. उन्होंने समाज के अलग-अलग वर्गों से अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार सूखा प्रभावित परिवारों की मदद करें. उनका कहना है कि ऐसे समय में लोगों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए, ताकि पानी और चारे जैसी जरूरी चीजों की कमी से जूझ रहे परिवारों को राहत मिल सके.
महाराष्ट्र में सूखे की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार भी राहत के कदम उठा रही है. दी गई जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट बैठक के बाद 40 और तालुकों को सूखा प्रभावित सूची में शामिल करने का फैसला बताया था. इसके बाद राज्य में सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या बढ़कर 305 हो गई थी. महाराष्ट्र में कुल 358 तालुके हैं. इससे पहले बारिश की कमी के चलते 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया था. नए इलाकों के शामिल होने से वहां के पात्र किसानों को भी सूखा राहत के लिए घोषित सरकारी उपायों का लाभ मिल सकेगा.
सूखे से परेशान किसानों को राहत देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता देने का फैसला भी किया था. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि केंद्र से दिवाली से पहले मदद मिलने की उम्मीद नहीं है. ऐसे में राज्य सरकार ने किसानों को तत्काल राहत देने के लिए यह कदम उठाया.
इसके साथ ही सरकार ने किसानों के फसल ऋण के पुनर्गठन, जमीन के राजस्व में छूट और बिजली बिलों में रियायत जैसे उपायों की भी एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि थी. इन कदमों का मकसद सूखे के कारण आर्थिक परेशानी झेल रहे किसानों का बोझ कम करना है.