तेंदूपत्ता मजदूरों को त्योहारी तोहफा, 21 लाख परिवारों को 149 करोड़ रुपये बोनस जारी—देखें क्या है पूरा सच – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Madhya Pradesh News: त्योहारों से पहले मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 21 लाख लाख तेंदूपत्ता इकट्ठा करने वाले आदिवासी मजदूरों, महिलाओं को 149 करोड़ रुपये का बोनस राशि जारी कर दी है. राज्य सरकार मजदूरों से तेंदूपत्ता खरीद के लिए 4 हजार रुपये प्रति नामक बोरा तय किया है. इसके अलावा अतिरिक्त राशि बोनस के रूप में भी दी जाती है. साथ ही मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी बांटी गई और मोहगांव व घुघरी में नए कॉलेज खोलने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि गई.

देश के कुल तेंदूपत्ता का सर्वाधिक उत्पादन अकेले मध्य प्रदेश (Tendu Leaf Production) करता है. तेंदूपत्ता का इस्तेमाल मुख्य रूप से बीड़ी बनाने में किया जाता है. जबकि, कुछ अन्य कार्यों में भी इसका इस्तेमाल होता है. मध्य प्रदेश में 21 लाख से ज्यादा तेंदूपत्ता इकट्ठा करने वाले आदिवासी मजदूर हैं, जिनमें ग्रामीण महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है. मध्य प्रदेश सरकार तेंदूपत्ता मजदूरों को कलेक्शन के लिए प्रोत्साहित करती है और उनसे पत्तों की खरीद करती है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले में वन विभाग के कार्यक्रम में 468 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया. इनमें 263 करोड़ रुपये के 47 कार्यों का भूमि-पूजन और 205 करोड़ रुपये के 27 कार्यों का लोकार्पण शामिल है. मुख्यमंत्री ने 163 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की. सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 149 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की गई.

मंडला जिले के 9 लाख से अधिक संग्राहकों को 36 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक का बोनस मिला. मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता इकट्ठा करने वाले परिवारों को सरकार प्रोत्साहित कर रही है और उनकी मेहनत का फल अतिरिक्त राशि के रूप में दिया जा रहा है. राज्य में तेंदूपत्ता किसानों को 4000 रुपये प्रति मानक बोरा रेट दिया जाता है. इसके अलावा प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त राशि बोनस के रूप में भी दी जाती है.

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