ज्वार के लिए 324 और बाजरा के लिए 125 रुपये बढ़ाकर मिलेंगे, मंत्री की अपील- किसान पंजीयन कराएं – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 में समर्थन मूल्य पर ज्वार और बाजरा के साथ ही धान की सरकारी खरीद के लिये पंजीयन जारी है. अभी तक 1 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है. किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो. उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है. प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं.

ज्वार के लिए इस बार 324 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है. पिछले सीजन 3699 रुपये प्रति क्विंटल भाव था, जो इस बार किसानों को बढ़ाकर 4023 रुपये दिया जा रहा है. यह एमएसपी हाईब्रिड ज्वार के लिए है. जबकि, मालदंडी ज्वार के लिए इस बार किसानों को 3749 रुपये की बजाय 4073 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया रहा है. इसी तरह बाजार के लिए किसानों को 125 रुपये बढ़ाकर दिए जा रहे हैं. पिछले सीजन बाजरा का एमएसपी 2775 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2900 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है.

मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें. उन्होंने बताया कि अब तक 1 लाख से ज्यादा किसानों ने पंजीयन करा लिया है. सबसे ज्यादा पंजीयन जबलपुर संभाग में 54 हजार 79 हुए हैं. इसके बाद नर्मदापुरम में 9 हजार 436, भोपाल में 4 हजार 244, रीवा में 26 हजार 730, शहडोल में 9 हजार 710 और सागर संभाग में 4 हजार 766 किसानों ने पंजीयन कराया है.

मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार उपज बिक्री के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी है. अगर किसान ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं में पंजीयन कराते हैं तो शुल्क नहीं देना होगा. वहीं, अगर किसान एमपी ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों के संचालित साइबर कैफे पर पंजीयन कराते हैं तो 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा. किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज और किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखना होगा.

किसान की ओर से समर्थन मूल्य पर बिक्री की गई उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा. किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा. किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी.पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें.

पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना जरूरी है. वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा. किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा. भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में गड़बड़ी होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा. सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा.

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