पंजाब के किसानों को बड़ी राहत, गेहूं के प्रमाणित बीज पर मिलेगी सब्सिडी.. 50 करोड़ रुपये मंजूर – एग्रीवेट

Team Agrivate
5 Min Read

एग्रीवेट: केंद्र सरकार ने 2026-27 रबी सीजन से पहले पंजाब के किसानों के लिए 50 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी है. इस राशि का इस्तेमाल किसानों को प्रमाणित गेहूं के बीज पर सब्सिडी देने के लिए किया जाएगा. पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि केंद्र के इस फैसले से किसानों को रबी सीजन में अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं के बीज कम कीमत पर मिल सकेंगे.

पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें पत्र के जरिए इस फैसले की जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि किसानों को यह सहायता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण मिशन (NFSNM) के सीड कंपोनेंट के तहत दी जाएगी. ढिल्लों के मुताबिक, समय पर मिली इस मंजूरी से रबी सीजन की बुवाई से पहले किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं के बीज सब्सिडी वाली दरों पर मिल सकेंगे.

ढिल्लों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पंजाब के किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उनकी आजीविका को मजबूत करने के लिए हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण और पंजाब के कृषि क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी सहायता और सहयोग देती रहेगी. इससे राज्य में खेती को मजबूत करने और किसानों की स्थिति बेहतर करने पर जोर दिया जाएगा.

वहीं, बीते दिनों खबर सामने आई थी कि पंजाब में DAP खाद की कमी  के बीच राज्य सरकार ने केंद्र से तुरंत 3 लाख मीट्रिक टन DAP देने की मांग की है. इस खाद की जरूरत आलू और गेहूं की बुवाई के लिए है. पंजाब को रबी सीजन में कुल 5.50 लाख मीट्रिक टन DAP की जरूरत है. इसमें 70 हजार टन आलू की फसल के लिए चाहिए. राज्य में आलू की बुवाई शुरू हो चुकी है. वहीं, गेहूं की बुवाई के लिए 4.80 लाख मीट्रिक टन DAP की जरूरत है. गेहूं की बुवाई अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से शुरू होकर नवंबर के मध्य तक पूरी होने की उम्मीद है.

हालांकि, ऐसे गेहूं की बुवाई आमतौर पर 1 नवंबर से शुरू होती है. सिंचित खेतों में 1 से 20 नवंबर के बीच बुवाई करना सबसे सही माना जाता है. जरूरत पड़ने पर किसान नवंबर के अंत तक भी गेहूं की बुवाई कर सकते हैं. वहीं, बारानी या असिंचित क्षेत्रों में गेहूं की बुवाई का समय 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक माना जाता है.. ऐसे खेतों में बारिश के आधार पर बुवाई का समय तय किया जाता है. पंजाब में धान की कटाई के बाद किसान खेत तैयार कर गेहूं की बुवाई करते हैं. धान की कटाई पूरी होने के साथ ही नवंबर के पहले सप्ताह से गेहूं की बुवाई तेजी पकड़ती है.

Share This Article