वर्मी कम्पोस्ट से खेती की लागत 30% घटी, किसान को मिल रही ₹20 हजार तक अतिरिक्त आय – एग्रीवेट

Team Agrivate
4 Min Read

एग्रीवेट: 02 अक्टूबर 2026, जयपुर: वर्मी कम्पोस्ट से खेती की लागत 30% घटी, किसान को मिल रही ₹20 हजार तक अतिरिक्त आय – राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंच रहा है। भादरा पंचायत समिति के नुवां गांव निवासी प्रगतिशील किसान कुरड़ाराम ने वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित कर खेती में जैविक खाद का उपयोग शुरू किया है। इससे खेती की लागत में करीब 30 प्रतिशत की कमी आई है और वर्मी कम्पोस्ट व केंचुओं की बिक्री से उन्हें सालाना 15 हजार से 20 हजार रुपये तक अतिरिक्त आय हो रही है।

किसान कुरड़ाराम के अनुसार, पहले वे रासायनिक उर्वरकों पर अधिक निर्भर थे। इससे खेती की लागत बढ़ रही थी और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही थी। कृषि पर्यवेक्षक के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट के लाभों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कृषि विभाग के सहयोग से अपने खेत पर वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित की।

वर्मी कम्पोस्ट इकाई में गोबर, कृषि अवशेष और पत्तियों का उपयोग किया जा रहा है। केंचुओं की सहायता से इनसे उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जा रही है। किसान के अनुसार, इसके उपयोग से मिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता में वृद्धि हुई है। वर्मी कम्पोस्ट के इस्तेमाल से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम हुई है। इसके चलते खेती की लागत में करीब 30 प्रतिशत की कमी आई।

किसान के अनुसार, वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। इससे बाजार में उपज का बेहतर मूल्य मिला। इसके अलावा तैयार वर्मी कम्पोस्ट और केंचुओं की बिक्री से उन्हें हर साल करीब 15 हजार से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।

श्री कुरड़ाराम का कहना है कि कृषि विभाग की योजना से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है। वे जैविक खाद का उपयोग कर रहे हैं और अन्य किसानों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके अनुसार, गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पहुंचाने में विकसित भारत-जन सेवा अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Share This Article