एग्रीवेट: जलवायु बदलावों से उपजी चुनौतियों से जूझ रहे हिमाचल के सेब और अन्य बागवानी किसानों को तकनीक इस्तेमाल कर नुकसान से बचाने की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं. हिमाचल सरकार ने कहा है कि बागवानी फसलों का उत्पादन, क्वालिटी बढ़ाने के साथ ही विपरीत मौसम से कीट-रोगों की दिक्कतों से बचाने के लिए न्यूजीलैंड की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने न्यूजीलैंड की सेब और अन्य बागवानी फसलों में विशेषज्ञता का इस्तेमाल स्थानीय किसान करेंगे और इसके लिए फसल प्रदर्शन समेत कई बिंदुओं पर सहमति बनी है.
जलवायु परिवर्तन, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादन में 48 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है. 5,000 करोड़ रुपये की इस अर्थव्यवस्था से जुड़े 2.5 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं. फसल का आकार छोटा रहने से एमआईएस खरीद भी घटी है. बागवानों को राहत देने के लिए सरकार एमआईएस खरीद मूल्य बढ़ाने पर विचार कर रही है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सेब उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सरकार बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई तकनीक एवं नवाचार को बढ़ावा दे रही है. लेकिन, हालिया वर्षों में जलवायु बदलावों के चलते और विपरीत मौसम स्थितियों ने सेब समेत अन्य बागवानी फसलों पर बुरा असर डाला है. किसान उत्पादन और क्वालिटी के क्षेत्र में संकट देख रहे हैं और कीट-रोगों की वजह से खर्च भी बढ़ा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की है. इस दौरान हिमाचल प्रदेश और न्यूजीलैंड के किसानों और बागवानों के लिए एक-दूसरे के यहां भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया गया है और सहमति बनी. इसका उद्देश्य राज्य में सेब की खेती को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि अभी कोई तारीख तय नहीं है, लेकिन इस समझौते पर आगे की प्रक्रिया की जा रही है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के प्रतिनिधिमंडल के साथ हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई है. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि न्यूजीलैंड हिमाचल प्रदेश में सेब बागवानी को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराने का इच्छुक है. प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले प्रस्तावित सेब बागवानी उत्कृष्टता केंद्र के बारे में जानकारी दी.