एग्रीवेट: उन्नत किस्म, गुणवत्तापूर्ण बीज और क्षेत्र विस्तार से दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भर होगा बिहार
01 अक्टूबर 2026 पटना। राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन–रबी अभियान 2026 के उपरांत आज कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के विभिन्न संयुक्त सचिवों द्वारा किए गए प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की। इस दौरान बिहार में संचालित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कमियों एवं सुधार की आवश्यकताओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने आगामी वासंतिक (रबी) मौसम की फसलों के तैयारियों के साथ-साथ राज्य में दलहन एवं तिलहन के उत्पादन और क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध एवं समयबद्ध तरीके से कार्य करने का निदेश दिया।
दलहन-तिलहन के क्षेत्र विस्तार के लिए विशेष रणनीति
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार में दलहन एवं तिलहन के क्षेत्र विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। खरीफ एवं रबी दोनों मौसमों में इन फसलों के क्षेत्र को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेष रूप से धान की कटाई के बाद खाली रहने वाली भूमि में दलहन एवं तिलहन की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि फसल सघनता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सके।उन्होंने कहा कि राज्य के प्रगतिशील किसानों को दलहन एवं तिलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा उनके सफल अनुभवों को अन्य किसानों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फसल क्षेत्र एवं उत्पादन से संबंधित आंकड़ों के संग्रहण के दौरान जिला स्तर पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सही एवं प्रमाणिक आंकड़ों का संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि राज्य में दलहन एवं तिलहन के वास्तविक क्षेत्रफल, उत्पादन एवं उत्पादकता की सही तस्वीर सामने आ सके।
कृषि मंत्री ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी निदेशालयों के निदेशकों को योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना की स्वीकृति से लेकर उसके क्रियान्वयन एवं किसानों तक लाभ पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ सही समय पर मिल सके।
उन्होंने सभी नोडल पदाधिकारियों को केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता एवं तत्परता के साथ कार्य करने तथा योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।