एग्रीवेट: किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ 2026-27 की फसलों की खरीद के लिए 5547 करोड़ से ज्यादा रकम को मंजूरी दे दी है. यह रकम यूपी, तेलंगाना और कर्नाटक में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उपज खरीद के भुगतान के रूप में खर्च होगी. इसके साथ ही इन राज्यों के किसानों से उनकी बंपर उपज खरीद का रास्ता साफ हो गया है.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मूल्य समर्थन योजना (कीमत Support Scheme – PSS) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक राज्यों में प्रमुख दलहन और तिलहन फसलों की खरीद के लिए कुल 5,547.99 करोड़ रुपए की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) राशि की खरीददारी की स्वीकृति दे दी है. इस निर्णय का सीधा उद्देश्य बाजार में फसलों की कीमतों में गिरावट से किसानों का बचाव करना और उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराना है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है. सरकार का संकल्प है कि अन्नदाता को उसकी उपज का उचित दाम मिले और इसके लिए खरीद तंत्र को पहले से अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है. इस अनुमोदन के तहत तीन प्रमुख राज्यों के किसानों से विभिन्न फसलों की बड़े पैमाने पर खरीद की जाएगी.
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सबसे बड़ा हिस्सा तय करते हुए कुल 3,992.57 करोड़ रुपये की खरीद को शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दी है. इसके तहत राज्य में 3,937.70 करोड़ रुपये मूल्य की 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर और 54.87 करोड़ रुपये मूल्य की 6,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद समर्थन मूल्य पर की जाएगी.
कर्नाटक के दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों के लिए 1,107 करोड़ रु. की उपज खरीद का अनुमोदन किया गया है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह की ओर से दी गई मंजूरी से कर्नाटक में 659.27 करोड़ रु. मूल्य की 1,15,500 मीट्रिक टन सोयाबीन, 335.83 करोड़ रु. मूल्य की 38,250 मीट्रिक टन मूंग तथा 111.90 करोड़ रु. मूल्य की 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी (सनफ्लावर) की खरीद PSS के तहत की जाएगी.
तेलंगाना के किसानों के हित में कुल 448.42 करोड़ रु. की खरीद को केंद्रीय मंत्री चौहान की ओर से स्वीकृति दी गई है. इसमें 353.90 करोड़ रु. मूल्य की 62,000 मीट्रिक टन सोयाबीन और 94.52 करोड़ रु. मूल्य की 10,766 मीट्रिक टन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीद शामिल है.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह कदम न केवल किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि देश में दलहन और तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देकर भारत को खाद्य तेलों और दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी उपार्जन केंद्रों पर खरीद की व्यवस्थाएं पारदर्शी रहेंगी और किसानों को उनकी उपज की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में समयबद्ध तरीके से किया जाएगा.