एग्रीवेट: प्रधानमंत्री Fasal Bima Yojana: खरीफ 2026 में धान की खेती करने वाले उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए फसल बीमा से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 5 हेक्टेयर धान की फसल पर अधिकतम 4,08,500 रुपये तक का बीमा कवर तय किया गया है. वहीं, इस कवर के लिए किसान को अपनी तरफ से 8,170 रुपये का प्रीमियम देना होगा. ऐसे में खेती करने वाले किसानों के लिए बीमा राशि और प्रीमियम का हिसाब समझना जरूरी है.
खरीफ 2026 में धान की फसल के लिए SBI General Insurance को बीमा कंपनी के तौर पर जोड़ा गया है. तय व्यवस्था के मुताबिक धान के लिए 81,700 रुपये प्रति हेक्टेयर की बीमा राशि निर्धारित की गई है. ऐसे में अगर किसान के पास 5 हेक्टेयर में धान की फसल है, तो कुल बीमा राशि 4,08,500 रुपये होगी. यानी तय नियमों के तहत किसान की पूरी बीमित फसल को इस राशि की सीमा तक कवर किया जाएगा.
PMFBY के तहत खरीफ की खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए किसान के हिस्से का प्रीमियम 2 फीसदी निर्धारित है. 5 हेक्टेयर धान के लिए किसान को 8,170 रुपये प्रीमियम देना होगा. वहीं, सरकार की ओर से 12,255 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. इस व्यवस्था से किसान को फसल बीमा की पूरी प्रीमियम राशि अपनी जेब से नहीं देनी पड़ती.
खेती में मौसम की मार या फसल में बीमारी आने पर किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. PMFBY का उद्देश्य ऐसे जोखिमों की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है. योजना में प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोग से होने वाले नुकसान को शामिल किया गया है. सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और कीट हमला जैसे जोखिम इसके दायरे में आते हैं. नियमों के मुताबिक फसल सुरक्षा का दायरा बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक अलग-अलग अवस्थाओं में लागू हो सकता है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत 18 फरवरी 2016 को हुई थी.
फसल बीमा के लिए आवेदन करने वाले किसानों को जमीन के कागजात, आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण और बुवाई की तारीख से जुड़ी जानकारी तैयार रखनी चाहिए. आवेदन के दौरान जमीन, बैंक खाते और पहचान से संबंधित जानकारी सही दर्ज करना जरूरी है. सही दस्तावेज और जानकारी होने से बीमा प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों की संभावना कम हो सकती है. PMFBY में अलग-अलग फसलों के लिए किसान का प्रीमियम अलग निर्धारित है. रबी की खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए यह 1.5 फीसदी है, जबकि वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए अधिकतम 5 फीसदी तक प्रीमियम निर्धारित है. खरीफ 2026 में धान के लिए तय बीमा व्यवस्था किसानों को मौसम और फसल नुकसान के जोखिम से आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू की गई है.