एग्रीवेट: 24 सितंबर 2026, रायपुर: रायपुर : सरगुजा के अन्नदाताओं को बड़ी सौगात, खुलेंगे 7 नए धान उपार्जन केंद्र; घर के नजदीक मिलेगी धान बेचने की सुविधा – खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में सरगुजा जिले के किसानों के लिए धान की बिक्री अब और आसान होगी। छत्तीसगढ़ शासन की स्वीकृति के बाद सरगुजा जिले में 7 नवीन धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। नए केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीण अंचलों के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूरस्थ उपार्जन केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे किसानों के समय और परिवहन खर्च की बचत के साथ धान उपार्जन की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
नवीन उपार्जन केंद्र अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम खालीवा, लुण्ड्रा के ग्राम पड़ोली, लखनपुर के ग्राम अंधला और उदयपुर विकासखंड के ग्राम चकेरी में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्राम उलकिया, रजौटी और बिनकरा को भी नए धान उपार्जन केंद्र के रूप में स्वीकृति दी गई है।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने संबंधित विभागों को नवीन उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सुचारू एवं व्यवस्थित धान खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां प्राथमिकता से सुनिश्चित करने कहा है।
नए धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए स्वच्छ पेयजल, छायादार परिसर, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुगम पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इससे किसानों को धान बिक्री के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।उपार्जन प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर कंप्यूटर, यूपीएस और जनरेटर की व्यवस्था के साथ बायोमेट्रिक एवं आईरिस सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों के सत्यापन और उपार्जन संबंधी प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
नए उपार्जन केंद्रों की स्थापना से सरगुजा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को विशेष सुविधा मिलेगी। उन्हें धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता कम होगी। इससे समय, परिवहन लागत और श्रम की बचत होगी तथा किसान अपनी उपज की बिक्री अधिक सुविधाजनक तरीके से कर सकेंगे।राज्य शासन की इस पहल से सरगुजा में धान उपार्जन व्यवस्था को गांवों के और करीब लाने में मदद मिलेगी। नवीन केंद्रों के माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उपार्जन प्रक्रिया को अधिक सुलभ, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।