एग्रीवेट: 23 सितंबर 2026, भोपाल: अनीता बाई ने एक हेक्टेयर में अपनाई अरहर की उन्नत खेती, वैज्ञानिक तकनीक से मिली शानदार फसल – केंद्र और राज्य शासन की कृषक हितैषी नीतियों और कृषि क्षेत्र में उन्नत तकनीक के इस्तेमाल से किसानों की खेती में बदलाव दिखाई दे रहा है। इसका उदाहरण जबलपुर जिले के पनागर विकासखंड के ग्राम छत्तरपुर की प्रगतिशील कृषक अनीता बाई कोल हैं। उन्होंने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा संचालित केंद्र शासन के दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत एक हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर की उन्नत किस्म भीमा (JRG-152) की खेती की।
अरहर की फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक कृषि विकास अधिकारी वृषभान अहिरवार ने अनीता बाई के खेत का लगातार निरीक्षण किया। उन्हें फसल की उचित देखभाल, संतुलित खाद एवं उर्वरक के उपयोग, वैज्ञानिक तरीके से कीट एवं रोग नियंत्रण सहित अन्य कृषि प्रबंधन की तकनीकी जानकारी दी गई।
कृषि अधिकारियों के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत से अनीता बाई ने समय पर सभी कृषि कार्य पूरे किए। इसके परिणामस्वरूप उनकी अरहर की फसल शानदार हुई। इस दौरान उन्हें आधुनिक और उन्नत तकनीक से खेती करने का अनुभव भी मिला।
अनीता बाई ने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सहयोग से उन्हें अरहर की आधुनिक खेती की बारीकियां सीखने में मदद मिली। अब वे भविष्य में भी वैज्ञानिक पद्धति से दलहन की खेती करने के लिए प्रयासरत रहेंगी। अनीता बाई कोल की सफलता उनके परिवार के आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के साथ ग्राम छत्तरपुर और आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।