Rail Roko Protest: नाराज किसानों ने कई शहरों में ट्रेनें रोकीं, पंजाब में ट्रैक पर लेट गए अन्नदाता – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: किसान मजदूरों के हितों की अनदेखी किए जाने से नाराज किसानों ने पंजाब के कई शहरों में आज ट्रेनों के पहिये थाम दिए. अमृतसर, संगरूर, गुरदासपुर, मोगा और फिरोजपुर में रेलवे यातायात बाधित हो गया. कई जगहों पर किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ और लेट गए. प्रशासन ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे.

किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने पंजाब में आज 17 सितंबर पांच जगहों पर रेल रोको आंदोलन के ऐलान के तहत रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किया, जिससे कई शहरों को जाने वाला ट्रैक बाधित रहा. किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने अमृतसर में कहा कि तीन दिन से लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार का उदासीन रवैया जारी है. किसान नेताओं ने कहा कि 9 मंत्रियों के आवासों पर सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया है.

गुरदासपुर, फिरोजपुर में किसानों ने ट्रेनें रोकीं

किसान मजदूर संघर्ष समिति पंजाब की गुरदासपुर जिला यूनिट ने झाखो लारी के पास रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन की आवाजाही रोक दी और रेलवे ट्रैक पर बैठ गए. किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इसी तरह मोगा जिले में फिरोजपुर-लुधियाना लाइन पर माहेश्वरी रेलवे स्टेशन पर रेल सेवा ठप हो गई है. किसानों ने फिरोजपुर के मल्लांवाला में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया है.

किसानों ने यात्रियों को भोजन-पानी उपलब्ध कराया

किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने बताया कि जहां जहां पर रेलगाड़ियां रोकी गई हैं वहां पर यात्रियों खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों और महिलाओं के लिए लंगर (सामुदायिक भोजन) का इंतजाम कराया है.

किसानों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों को रोक दिया.

विरोध प्रदर्शन के बाद भी सरकारी अनदेखी से बढ़ी नाराजगी

किसान नेताओं ने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा पिछले तीन दिनों से पंजाब सरकार के नौ मंत्रियों के घरों के सामने अपने अधिकारों और मांगों को लेकर मोर्चा लगाकर बैठा है, लेकिन सरकार की ओर से किसानों-मजदूरों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी मोर्चा की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र और मांग पत्र भेजकर मांगों के समाधान के लिए सरकार के साथ बैठकर बातचीत करने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार की ओर से इस संबंध में कोई गंभीर पहल नहीं की गई.

किसान नेताओं ने कहा कि अगर इसके बावजूद भी पंजाब सरकार किसानों-मजदूरों की मांगों का हल नहीं करती है तो आने वाले दिनों में अन्य जगहों पर भी रेलवे ट्रैक को बाधित किया जाएगा और पक्के मोर्चे खोले जाएंगे. मोर्चा के नेताओं ने कहा कि 18 सितंबर 2026 की शाम को किसान मजदूर मोर्चा की अगली बैठक की जाएगी, जिसमें पंजाब सरकार के रवैये का जायजा लेते हुए अगले संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी.

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